कासगंज, जागरण संवाददाता : स्वास्थ्य सेवाओं को दौड़ने वाली एंबुलेंस खुद हांफने लगी हैं। जिले में कहने को 34 एंबुलेंस हैं, लेकिन इनमें से 16 एंबुलेंस की हालत खराब है। थोड़ी सी दूरी तय करने पर यह जवाब देने लगती हैं। इन्हें मरम्मत कर चलाया जा रहा है। इन एंबुलेंस की हालत ऐसी है कि आपातकाल में यह एंबुलेंस सेवा योग्य नहीं हैं।

सपा सरकार ने सन 2012 में एंबुलेंस सेवा शुरू की थी। मंशा थी ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें। इसके लिए हर जिले को एंबुलेंस दीं। जिले में 108 एवं 102 सेवा के तहत कुल 34 एंबुलेंस हैं, लेकिन इनमें से कई एंबुलेंस काफी खराब हालत में पहुंच गई हैं। जिले में 16 एंबुलेंस की हालत काफी खराब है, मरीजों को लाने वाली यह एंबुलेंस खुद कभी भी दम तोड़ सकती हैं। कई एंबुलेंस चार लाख किमी से ज्यादा चल चुकी हैं, लेकिन इनकी हालत की तरफ सरकार का ध्यान नहीं है।

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14 एंबुलेंस हैं 108 सेवा के तहत।

20 एंबुलेंस हैं 102 सेवा के तहत।

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घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी है 108 एंबुलेंस की।

गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाती हैं 102 एंबुलेंस।

----------'108 की नौ एवं 102 की सात एंबुलेंस की स्थिति खराब है। इन्हें मरम्मत कर चलाया जा रहा है। एंबुलेंस बदलने के लिए विभाग को कई बार पत्र भेजा है, लेकिन अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।'

-मुकेश

प्रभारी, एंबुलेंस सेवा

कहां कितनी हैं एंबुलेंस

कासगंज : चार

नदरई गेट : दो

सोरों : पांच

सहावर : तीन

अमांपुर : तीन

मोहनपुर : एक

पटियाली : चार

गंजडुडवारा : चार

सिढपुरा : तीन

ढोलना : दो

जिला अस्पताल : तीन

Posted By: Jagran

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