कासगंज, संवाद सहयोगी। गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के गांव बरैठी में दहेज के लिए जलाकर की गई विवाहिता की हत्या के मामले में न्यायालय ने हत्या आरोपित सास को 10 साल का कारावास एवं 10 रुपये के दंड से दंडित किया है। हत्या में नामजद पांच आरोपित साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त किए गए हैं।

आगरा के थाना एत्माउद्दौला क्षेत्र के प्रकाश नगर निवासी निसार अहमद पुत्र मोहम्मद असरफ खां ने अपनी पुत्री नरगिश का विवाह कोतवाली गंजडुंडवारा के गांव नगला बरैठी निवासी मुजीब अहमद के साथ किया था। 19 दिसंबर 2015 को नरगिश का पिता निसार अहमद बेटी की ससुराल में था। उसके सामने ही ससुरालीजनों ने एक लाख रुपये और बाइक की मांग करते हुए नरगिश के साथ मारपीट की और मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। अलीगढ़ के मेडीकल कालेज में 28 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। अलीगढ़ के तत्कालीन डीएम जेनेंद्र कुमार जैन ने मेडीकल कालेज में ही घायल के बयान लिए थे। इसमें घायल ने सास बिस्मिल्लाह बेगम द्वारा मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने एवं अन्य ससुरालीजनों द्वारा दहेज के लिए उत्पीड़न किए जाने बयान दर्ज कराए थे। घटना के संबंध में निसार ने मुजीब अहमद, ताज मोहम्मद, जफरुद्दीन, शहनाज, जसरुम और बिस्मिल्लाह बेगम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। जांच अधिकारी ने मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृपाशंकर ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान के मद्देनजर बिस्मिल्लाह बेगम को दहेज का हत्या का दोषी पाया और उसे 10 साल का कारावास एवं 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। पीड़ित पक्ष की ओर पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल यादव ने की।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस