संवाद सहयोगी, भोगनीपुर : सोमवती अमावस्या के चलते सोमवार को महिलाओं ने पीपल की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की।

सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही महिलाओं ने घर में पूजन सामग्री तैयार की और पीपल के पेड़ों की जाकर पूजा की तथा फेरे लगाकर अखंड सौभाग्य व सुखमय जीवन की कामना की। बरौर के पं. राजीव पांडेय ने बताया कि सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं पीपल के पेड़ की पूजा कर परिक्रमा करती हैं। इससे उनके सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। पीपल के पेड़ में सभी देवों का वास होता है। सोमवारी अमावस्या के दिन 108 वस्तुओं से पीपल पेड़ के फेरे लगाने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि प्रचलित परंपरा के अनुसार पहली सोमवती अमावस्या के दिन धान, पान, हल्दी, ¨सदूर और सुपारी से पेड़ के फेरे लगाए जाते है। इसके बाद की सोमवती अमावस्या को अपने सार्मथ्य अनुसार फल, मिठाई, सुहाग सामग्री, खाने की सामग्री आदि से फेरे लगाए जा सकते हैं। फेरे में अर्पित सामग्री किसी सुपात्र ब्राह्माण, ननद या भांजे को दान दिया जा सकता है।

By Jagran