संवाद सहयोगी, भोगनीपुर : मलासा ब्लाक के बहरई गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थल में जलभराव हो जाने से गोवंशों को मजबूरी में पानी में खड़ा रहना पड़ रहा। वहीं हरा चारा न मिलने से गोवंश दुर्बल हो रहे हैं।

मलासा ब्लाक के बहरई गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थल में 41 गोवंश है। गोवंशों को रखने के लिए पर्याप्त टिन शेड न होने व परिसर में जल भराव होने के कारण गोवंशो को बरसते पानी में परिसर में जलभराव के बीच खड़ा होना पड़ रहा है। गुरुवार को गोवंश स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे पशु चिकित्सालय बरौर के पशुधन प्रसार अधिकार संजय शर्मा ने बताया कि आश्रय में जलभराव व कीचड़ होने की समस्या की जानकारी पशु चिकित्साधिकारी डा. राजेश कटियार को दी गई है व पशुओं को हरा चारा न मिलने के बारे में भी अधिकारियों को बताया गया है। मलासा ब्लाक के खंड विकास अधिकारी सच्चिदानंद प्रसाद ने बताया कि बहरई गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थल में जलभराव होने व पशुओं को हरा चारा न दिए जाने की जानकारी नहीं है। पंचायत सचिव से जानकारी कर जल निकासी की व्यवस्था करने व हरे चारे की खुराक देने का प्रबंध कराया जाएगा।

खेत व स्कूलों में भरा पानी

भोगनीपुर : बारिश से खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं हैं। वहीं विद्यालयों में पानी भर जाने से शिक्षकों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है। मलासा ब्लाक के बरौर, बेड़ामऊ, कृपालपुर, दोहरापुर समेत आसपास क्षेत्र में खेतों में पानी भर जाने से बोई गई तिल्ली,मक्का, कुमेढ़ा आदि की फसलें जलमग्न हो गई हैं।वहीं आसपास के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में पानी भर जाने से शिक्षकों को पानी से गुजरकर जाना पड़ रहा है।

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