संवाद सूत्र, मूसानगर : मूसानगर में बिजली व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। यहां पर मकान की छतों तक बिजली के जर्जर तार झूलते रहते हैं। आए दिन टूटकर गिरने से बिजली तो गुल हो ही जाती है झूलते तार खतरा भी बने हैं। इसके अलावा खुले में रखे ट्रांसफार्मर भी जाली लगने का इंतजार कर रहे हैं।

नगर पंचायत होने के बावजूद भी मूसानगर में बिजली व्यवस्था बदहाल स्थिति में है। जगह-जगह झूलते तार और खुले में रखे ट्रांसफार्मर इसकी बानगी है। एक पोल से दूसरे पोल की दूरी अधिक होने के कारण दर्जनों स्थानों पर तार झूलते नजर आते हैं। तेज हवा चलने पर काफी नीचे तक हो जाते हैं। वहीं आए दिन टूटने से बत्ती तो गुल होती ही है मरम्मत कराने के लिए मशक्कत करना पड़ता है। वहीं लोगों के मकान की छत तक तार पहुंच गए हैं और लोग छतों पर जाने पर बहुत सावधानी रखते हैं। वाल्मीकि मोहाल में तो स्थिति ज्यादा खराब है और यहां के लोग कई बार शिकायत कर चुके पर समाधान नहीं मिला। एक एक पोल से उपभोक्ता कनेक्शन हैं जो आए दिन उलझ कर खराब होते रहते हैं जिससे उपभोक्ता परेशान रहते है। क्षेत्रीय लालू, राजेश, पप्पू व राजू ने बताया कि मोटी केबल उनके घर के बाहर गेट के ऊपर से छज्जे से सट कर निकली है। कई बार सबस्टेशन जाकर शिकायत की है पर हुआ कुछ नहीं। इसके अलावा खुले में करीब चार जगह ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं जहां खतरा हमेशा बना रहता है। यहां जाली लगाने की सुध विभाग को नहीं है। जेई सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जर्जर तार सही करने व ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करने के लिए धन मांगा गया जो अभी तक मिला नहीं है। धन मिलते ही काम कराए जाएंगे।

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