जागरण संवाददाता, कानपुर देहात: बरौर थाना क्षेत्र के देवब्रम्हापुर गांव में वर्ष 2008 में दहेज के लिए हुई महिला की हत्या के मामले में अपर जिला जज -7 की कोर्ट ने सुनवाई के बाद मंगलवार को पति सास-ससुर को दोषी करार देते हुए दस-दस साल की सजा सुनाई। इस मामले में तीनों आरोपितों पर 7-7 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी दी गई। वहीं साक्ष्यों के अभाव में आरोपित मृतका की दो ननदों को कोर्ट ने रिहा कर दिया।

बरौर थाना क्षेत्र के देवब्रम्हापुर गांव निवासी धर्मेंद्र की पत्नी शर्मिला की फरवरी 2008 में संदिग्ध हालात में आग से जल कर मौत हो गई थी। मामले में उसके पिता राजन लाल निवासी लालपुर बिल्हौर कानपुर नगर ने दामाद धर्मेंद्र के अलावा उसकी मां माया देवी, पिता अजयपाल व बहनों में पुष्पा देवी तथा संध्या के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की सुनवाई मौजूदा समय में एडीजे-7अखिलेश पाठक की कोर्ट में चल रही थी। मंगलवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने पति सास व ससुर को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज त्रिपाठी ने बताया कि मामले में आरोपित ननदों पुष्पा व संध्या को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया। उन्होंने बताया कि पति सहित तीनों आरोपितों को 7-7 हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया है।

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