संवाद सूत्र, रूरा :

जल संरक्षण के उद्देश्य से करीब एक दशक पूर्व गुटैहा गांव में लाखों रुपये खर्च कर तालाब बनाया गया। चारो ओर पौधों का रोपण कर लोगों के बैठने के लिए बेच की व्यवस्था भी गई गई। इसके साथ ही चाहरदीवारी बनाकर तालाब की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण तालाब अब बूंद बूंद पानी को तरस रहा है।

अकबरपुर ब्लाक तहसील क्षेत्र के रूरा शिवली मार्ग पर करीब एक दशक पूर्व तालाब बनाया गया था। मनरेगा के तहत लाखों रुपये खर्च कर तालाब की खोदाई कराई गई। इसके साथ ही पौधारोपण, बेंच व चाहरदीवारी बनाकर गेट लगाया गया था। तालाब के हुए सुंदरीकरण से आस पड़ोस के लोग यहां ताजी हवा में टहलने आते थे। तालाब में पानी की व्यवस्था के लिए बंबी से नाली बनाई गई थी, ताकि वहां तक आसानी से पानी पहुंचाया जा सके। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण तालाब सूख कर मैदान में बदल गया है। इसके साथ ही वहां लगाए गए पौधे भी उजड़ गए हैं, जबकि चाहरदीवारी, बेंच, सूचना बोर्ड व गेट भी नदारद है। वहीं मुख्य द्वार के पिलर भी जर्जर होने से वह भी गिरने की स्थिति में है। तालाब में पानी के स्थान पर धूल उड़ रही है, जो तालाब की बदहाली बयां करने के लिए पर्याप्त है। अब बारिश के दौरान ही कुछ पानी तालाब में एकत्र हो पाता है। वहीं कुछ माह बाद भी वह भी सूख जाता है।

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वर्ष 2021 की कार्य योजना में तालाब के सुंदरीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इसमें तालाब की नए सिरे से खोदाई कराने के साथ ही पानी भी भरवाया जाएगा।

मनोज यादव, प्रधान

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अगर तालाब का सुंदरीकरण करा दिया जाए तो गांव के लोगों के लिए यह बहुत ही अच्छा स्थान बन जाएगा। देख रेख के अभाव में तालाब उजाड़ हो गया।

सुरेंद्र शर्मा

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