जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : खाद की किल्लत का असर यह है कि अधिकांश समितियों में डीएपी नहीं है। ऐसे में ताला भी बंद रहता है, जिससे किसान मायूस होकर घर जाने को मजबूर है। मंगलवार को अधिकांश समितियों में खाद नहीं थी। वहीं भोगनीपुर क्षेत्र में कुछ समितियों में डीएपी आई है जो आज बांटी जाएगी।

मंगलपुर सहकारी समिति, झींझक सहकारी समिति बान बाजार, पिलख, बनीपारा बिरिया रसूलाबाद सहकारी समितियों में डीएपी नहीं है। मंगलवार को क्षेत्र के किसान राजेश कुमार, अजय सिंह, सुरेश यहां पहुंचे तो पता चला कि डीएपी नहीं है। मजबूरी में निजी दुकान के यहां जाकर महंगे दाम पर खरीदी। उनका कहना था कि इस समय काफी समस्या है। ज्यादातर तो डीएपी रहती नहीं हैं। वहीं कभी आई भी तो इतनी तेजी से बंटती है कि नंबर ही नहीं आता है। डेरापुर के बड़ागांव भिक्खी में भी डीएपी न होने से क्षेत्रीय किसान परेशान हैं। यहां पर ताला लगा हुआ रहता है जिससे लोग समझ जाते हैं कि यहां कुछ मिलने वाला नहीं है। वहीं रूरा की समिति में एक दिन पहले ही डीएपी बंटने के बाद यहां पर सभी को मंगलवार को खाली हाथ लौटना पड़ा। यही हाल सरवनखेड़ा व मूसानगर क्षेत्र का रहा। वहीं भोगनीपुर के अमरौधा व बरौली में करीब पांच सौ बोरी डीएपी मंगलवार को स्टाक में पहुंची है। अब यहां पर बुधवार को किसानों को इसकी बिक्री की जाएगी। समिति अध्यक्ष ने बताया कि यहां किसान आकर बुधवार को डीएपी प्राप्त कर सकते हैं।

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