संवाद सहयोगी, रसूलाबाद: शुक्लन निवादा मजरा रतनपुर में करवा चौथ की रखी बासी कढ़ी चावल खाने से एक परिवार के सात लोग बीमार हो गए। गांव के झोलाछाप से जब स्थिति नहीं संभली तो इन सभी को सीएचसी रसूलाबाद लाया गया। जहां शनिवार शाम से उनका उपचार चल रहा है। इन रोगियों में दो की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

शुक्लन निवादा में रामलखन अपने परिवार के साथ रहते हैं। 18 अक्टूबर को उनके नाती देवा के जन्मदिन की पार्टी थी। उसमें कुछ रिश्तेदार भी आए थे। रात को जन्मदिन की पार्टी में खाना आदि तैयार हुआ था। साथ ही करवा चौथ के दिन बनी कढ़ी बची थी उसे भी चावल के साथ सभी को परोसा गया। खाना खाकर सभी सोने चले गये। आधी रात के बाद परिजनों को उल्टी होने लगी। उस समय गांव के ही एक झोलाछाप से इलाज कराया गया। सुबह हालत में सुधार न होने पर सभी सीएचसी लाए गये। रामलखन के पुत्र 38 वर्षीय मनोज ने बताया कि उनके पुत्र देवा का जन्मदिन 18 अक्टूबर को था। इस अवसर पर उसकी बहनें रजनी और गुड्डी भी आई थी। रजनी के पति विद्याभूषण भी शामिल थे। खाने के दौरान करवा चौथ की रखी बासी कढ़ी एवं जन्मदिन पर बनाए गए ताजे चावल खा लिए। जिससे रात से ही सभी की तबियत बिगड़ने लगी और सभी को उल्टी दस्त आने लगे। इस पर गांव के एक झोलाछाप से सभी का उपचार कराया गया। हालत ठीक न होने पर सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद लाया गया। जहां 50 वर्षीय गुड्डी, 70 वर्षीय रामलखन, 37 वर्षीय प्रियंका पत्नी मनोज, 15 वर्षीय मनाली पुत्री मनोज, 36 वर्षीय रजनी व इनके पति विद्याभूषण को भर्ती कराया गया। डॉक्टर सौरभ शाक्य ने बताया कि गुड्डी एवं राम लखन की स्थिति स्थिर बनी हुई है। उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है। अन्य की हालत में सुधार है।

Posted By: Jagran

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