जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव स्थित मेडिकल स्टोर से चोरी करने वाले आरोपितों को गत्तों में दवा होने की जानकारी नहीं थी। घटना को अंजाम देने के दौरान गत्ते खोलने पर उन्हें यह जानकारी हुई थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने यह बात स्वीकार की है। वहीं पुलिस सीडीआर के आधार अन्य साथियों की तलाश कर रही है।

करीब छह माह पूर्व 23 दिसंबर 2020 को बारा गांव निवासी दवा व्यापारी मोहम्मद नासिर की मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर भारी मात्रा में दवा के गत्ते ले गए थे। घटना में चोर एक लैपटाप व एक कंप्यूटर भी उठा ले गए थे। तहरीर में व्यापारी ने दवा की खुदरा कीमत करीब 24 लाख रुपये बताई थी। आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस की ओर से प्रयास किए जा रहे थे। बुधवार देर रात पुलिस ने बारा चौकी क्षेत्र के जरौला मोड़ के पास से पुलिस ने कानपुर नगर के सचेंडी थानाक्षेत्र के भीमसेन क्षेत्र के निवासी सतीश व जनपद जालौन के थाना कदौरा निवासी राशिद उर्फ राजवीर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर 63 गत्ते दवा भी बरामद किए।

कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने बताया कि आरोपित घटना से दो दिन पूर्व दुकान के पास से निकले थे। वहां गत्ते उतरते देख उन्होंने घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें गत्ते में दवा होने की जानकारी नहीं थी। घटना को अंजाम देने के दौरान गत्ता खोलने पर उन्हें दवा की जानकारी मिली थी। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल रहे अन्य साथियों की तलाश के लिए सीडीआर का सहारा लिया जा रहा है।

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हत्या, लूट जैसी घटनाओं में रहे संलिप्त

पकड़े गए दोनों आरोपित हत्या, लूट, हत्या का प्रयास जैसी घटनाओं में भी संलिप्त रहे हैं। आरोपितों के खिलाफ दोनों थानों में मुकदमें दर्ज है, साथ ही शस्त्र अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज है।

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21 लाख की दवा बरामद

घटना को अंजाम देने से पूर्व उन्हें माल की जानकारी न होने के कारण ही बिक्री करने में समस्या हो रही थी। क्योंकि बरामद दवा 21 लाख रुपये की आंकी गई है, जबकि कुल दवा की कीमत तहरीर में 24 लाख रुपये के करीब बताई गई थी। पांच माह में दवा की बिक्री न कर पाने के कारण आरोपित जल्द से जल्द उसे बिक्री करने में प्रयासरत थे।

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दवा बिक्री करने के लिए थे निकले

आरोपित भीमसेन से दवा लोडर में लादकर बिक्री करने के उद्देश्य से निकले थे। करीब छह माह भी दवा की बिक्री न कर पाना उनके लिए समस्या बना था। दवा कहां लेकर जा रहे और किसे बिक्री करना चाहते थे पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है।

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