जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : केरल व कर्नाटक के तटीय भागों में चक्रवाती क्षेत्र विकसित होने से मौसम बिगड़ने की संभावना बन रही है। इससे मैदानी क्षेत्रों में आगामी 28 घंटों के बाद बूंदाबांदी के साथ हवा की गति भी बढ़ेगी। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग की ओर से 16 अप्रैल से गर्मी से राहत मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं बुधवार को तेज हवा के साथ लू ने लोगों को परेशान किया। धूल उड़ने से भी समस्या रही।

अप्रैल में ही मई-जून की गर्मी का अहसास होने लगा है। लगातार तापमान

में हो रही बढ़ोतरी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है जबकि बुधवार को तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

वहीं न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रहा और हवा की गति भी सामान्य से अधिक 4.3 किमी प्रति घंटे रही। तापमान अधिक रहने से दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं एक बार फिर से मौसम बिगड़ने की संभावना बन रही है। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि केरल व कर्नाटक के तटीय भागों चक्रवाती क्षेत्र विकसित होने के कारण मौसम में परिवर्तन की संभावनाएं बन रही हैं, जिससे गंगा के मैदानी भागों में आगामी दो दिनों में बूंदाबांदी होगी। इसके साथ ही आसमान में बादल छाए रहने के साथ ही हवा की गति भी सामान्य से 12-14 किमी प्रति घंटे तक रहेगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।