संवाद सहयोगी, रसूलाबाद : सियारी नाला पुल पर पानी अब कम हो गया है, लेकिन यहां गड्ढा और कटान बढ़ गया है। ऐसे में दोपहिया व चार पहिया वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। औरैया से आने जाने में लोगों को समस्या हो रही है। वहीं विभाग पानी रुकने पर ही मरम्मत हो पाने की बात कह रहा है। वहीं गांवों में पानी अभी जमा है इससे लोगों को संक्रामक रोग फैलने का डर सता रहा है।

सात दिन पहले सियारी नाला अचानक उफनाया था इससे मड़ैया, कठार, झींगा कापुरवा समेत कई गांव में पानी घुस गया था। सबसे अधिक समस्या रसूलाबाद लहरापुर मार्ग डूबने से हुआ था और आवागमन बंद कर दिया गया था। कुछ पानी कम हुआ था तो लोग आने जाने लगे थे लेकिन इस बीच नाला पुल पर गड्ढा हो गया था। शनिवार को यह गड्ढा व कटान अधिक हो गया और पानी कम होने से यह नजर आने लगा। रसूलाबाद प्रधान संघ प्रभारी सुभाष पार्टी त्रिपाठी, सौरभ यादव ,बाबू तिवारी, अमित त्रिपाठी एडवोकेट विजय शंकर तिवारी, अरविद यादव,फतेह सिंह यादव ने बताया कि वह इस समस्या से पिछले कई दिन से से जूझ रहें हैं। लेकिन कोई हमारी समस्या की ओर ध्यान ही नहीं दे रहा है। पहले पीडब्ल्यूडी ने यहां इस्टीमेट बनने व नया निर्माण की बात कही थी पर आज तक कुछ नहीं हुआ। इसी मार्ग से परिवहन निगम की चार बसें रोज दिल्ली व लखनऊ के लिए जाकर भारी राजस्व अर्जित करती है। मार्ग के कट जाने से अब परिवहन निगम की बसें 10-15 किमी दूर चक्कर काटकर नार, भवन पुर मिडाकुआ होते हुए अपने गंतव्य को जा रही हैं। इसके साथ ही इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भी लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। वहीं मड़ैया व कुछ गांव में पानी जगह जगह जमा है इससे संक्रामक रोग का डर सता रहा है। अगर बीमारी फैली तो बड़ी समस्या हो जाएगी। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता तारिक अनवर ने बताया कि पानी का बहाव कम होने पर ही वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में ईंट के रोड़े डलवा कर मार्ग आवागमन हेतु ठीक करवाया जा सकेगा।

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