जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए 54 केंद्र बनाए गए हैं। खरीद शुरू हुए करीब एक माह का समय हो रहा है, लेकिन अब तक 952 किसानों से ही जिले में धान की खरीद की जा सकी है। वहीं धान बिक्री के लिए जिले से सात हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है।

धान बिक्री के दौरान किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए शासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। शासन के निर्देश पर एक नवंबर से धान की खरीद शुरू हुई, लेकिन अब तक खरीद की रफ्तार नहीं बढ़ सकी है। वहीं कई केंद्रों में बारदाने की समस्या से किसानों को जूझना पड़ रहा है। जिले में धान खरीद के लिए 54 केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें अकबरपुर तहसील में पांच, मैथा में सात, डेरापुर तहसील में 18, रसूलाबाद तहसील में 11 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं सिकंदरा में सात व भोगनीपुर तहसील में छह केंद्र बनाए गए हैं। जिले में अब तक 8,609 किसानों ने बिक्री के लिए पंजीयन कराया है, जिसमें 971 बटाईदार व 135 किसानों ने अनुबंध खेती के तहत पंजीकृत हुए हैं। सापेक्ष 952 किसानों से धान की खरीद की जा सकी है। रफ्तार सुस्त होने के कारण किसान सस्ते दामों में व्यापारियों को धान बिक्री करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जिले में 978 किसानों से अब तक 60 हजार क्विटल धान की खरीद की गई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि धान खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए किसानों के सत्यापन की व्यवस्था की गई है। वहीं पूर्व की अपेक्षा खरीद की रफ्तार बढ़ी है।

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