जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : समुदाय आधारित गतिविधि से आंगनबाड़ी केंद्रों पर गूंजती ढोलक की थाप पोषण जागरूकता ला रही है। गर्भवती व बच्चों की सेहत की हिफाजत में ये दिवस अहम बने हैं। माह के प्रथम बुधवार को अन्न प्राशन व दूसरे शनिवार को गोद भराई गतिविधि में स्वास्थ्य विभाग सहयोगी है।

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधीन आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। यहां छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं का कुपोषित बच्चे पंजीकृत होते हैं। केंद्र से पोषाहार (रेडी टू यूज) वितरित किया जाता है। परिवारों से सीधे जुड़ने वाली आंगनबाड़ी केंद्र पर माह के प्रथम बुधवार को दूसरे शनिवार को स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण दिवस होता है। इन दिवसों पर आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले परिवारों के माध्यम से पोषण के प्रति जागरूकता के लिए शासन स्तर से पहल हुई है। फिलहाल नंवबर माह तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर अन्न प्राशन व गोद भराई कार्यक्रम कराए जाने हैं। समुदाय आधारित गतिविधि में इन दिवसों में सहयोगी स्वास्थ्य कार्यकर्ता संग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायक पोषण जागरूकता बढ़ा रही हैं। इन दिवसों में ढोलक बजती है, तो महिलाएं गीत भी गाती है। मोहल्ले में केंद्र पर गूंजती ढोलक की थाप बरबस लोगों का ध्यान खींचती है। लोगों के कानों तक आवाज पहुंचे कार्यक्रम का यहीं उद्देश्य है।

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इन तिथियों में होंगे कार्यक्रम

15 सितंबर शनिवार गोद भराई

5 अक्टूबर बुधवार अन्न प्राशन

15 अक्टूबर शनिवार गोद भराई

5 नवंबर बुधवार अन्न प्राशन

15 नवंबर शनिवार गोद भराई

..... जिम्मेदार बोले

समुदाय आधारित कार्यक्रम की पहल हुई है। गर्भवती की गोद भराई व छह माह के बच्चे का अन्न प्राशन छोटे समारोह के तौर पर मनाया जा रहा है। यदि तय तिथियों पर अवकाश होता है तो कार्यक्रम अगले दिन मनाया जाएगा। प्रारंभिक फीड बैंक उत्साहित करने वाला है।

-राकेश यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी

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