संवाद सूत्र, शिवली :शिवली के साकेत धाम की प्रसिद्ध रामलीला आखिरकार लोगों को देखने के लिए मिल गई। रविवार को यहां पर एक दिन की रामलीला का आयोजन कोविड 19 प्रोटोकाल के तहत हुआ। दैनिक जागरण में 208 वर्ष पुरानी रामलीला न होने की खबर प्रमुखता से छपी थी, जिसके बाद लोगों की मांग पर आयोजकों ने एक दिन की लीला का मंचन अनुमति लेकर करवाया। कोरोना गाइड लाइन की सख्ती देख साकेत धाम की लीला आयोजकों ने इस बार नहीं कराई। जिस पर 21 अक्टूबर को दैनिक जागरण में 'कोरोना ने रोकी 208 वर्ष पुरानी साकेत धाम की रामलीला' की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद क्षेत्र के लोग आयोजकों से रामलीला आयोजन की मांग करने लगे। आयोजकों ने बैठक के बाद विचार किया और रविवार को एक दिन की रामलीला कराई। एसडीएम ने बताया कि अनुमति एक दिन के लिए ली गई थी।

धनुषभंग लीला का मंचन

साकेत धाम में धनुष भंग की लीला में राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता का विवाह करने के लिए स्वयंवर का आयोजन किया। जहां श्रीराम के धनुष तोड़ते ही परशुराम आ जाते है। इसके बाद भगवान परशुराम व लक्ष्मण में जमकर तीखे संवाद होते हैं। रत्नेश त्रिपाठी व लक्ष्मण अभिनेता अरविद द्विवेदी को रामलीला समिति के संरक्षक वयोवृद्ध श्रीकृष्ण त्रिवेदी ने अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। परशुराम का अभिनय करने वाले सर्वेश को भी अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष वैभव तिवारी, सुमित बाजपेयी, प्रख्यात अवस्थी, रवि कुमार बाजपेई, राकेश मिश्रा, रामजी मिश्रा, गोपाल तिवारी रहे। लंका रामलीला समित के अध्यक्ष अनुभव मिश्रा, चेयरमैन अवधेश शुक्ला, राजकुमार तिवारी, अमन पाठक, वीरेंद्र तिवारी, अवनीश शुक्ला मौजूद रहे।

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