जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : समाज कल्याण विभाग से अनुदानित विद्यालय में घोटाले की भेंट चढ़ी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए चयन कमेटी बनाकर अनुमोदन के लिए डीएम के पास भेजी गई है। उच्चाधिकारियों को भर्ती की जानकारी न देने में विद्यालय के प्रबंधक को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई की तैयारी शुरू की गई है।

समाज कल्याण विभाग विकास की ओर से आवर्तक अनुदान पर अकबरपुर शहर में महात्मा कबीर विद्यालय संचालित है। आरोप है कि बीएसए संगीता ¨सह ने डीएम से भर्ती का अनुमोदन लिये बिना अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर प्रबंधक के माध्यम से विद्यालय में रिक्त तीन शिक्षक पदों पर नियुक्ति का विज्ञापन जारी कर 21 जनवरी को साक्षात्कार भी करा लिया। जबकि समाज कल्याण विभाग से अनुदानित विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती डीएम के अनुमोदन व उनकी अध्यक्षता वाली समिति के जरिये किया जाता है। सीडीओ ने बीएसए पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर जवाब मांगा था। बीएसए ने खुद का बचाव करते हुए सीडीओ से माफी मांगी थी। शिक्षक भर्ती के घोटाले में फंसने से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में मायूसी छाई थी। अनुदानित स्कूल में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया के बावत समाज कल्याण अधिकारी विकास ने तीन ¨बदुओं पर पत्रावली तैयार की है, जिसमे साक्षात्कार की जानकारी न देने के लिए स्कूल प्रबंधक को दोषी माना गया है। पूर्व में भर्ती के लिए प्रकाशित विज्ञापन को वैध ठहराकर अभ्यर्थियों को अल्पकालिक सूचना देकर डीएम की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय चयन कमेटी के जरिये फिर से साक्षात्कार कराने का अनुमोदन मांगा गया है।

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साक्षात्कार की सूचना न देने में प्रबंधक दोषी हैं। पूर्व में हुए आवेदनों पर विचार करते हुए अभ्यर्थियों का चयन कमेटी के माध्यम से साक्षात्कार कराने का डीएम से अनुमोदन मांगा गया है।

-राजेश कुमार (जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास)

Posted By: Jagran

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