संवाद सहयोगी, भोगनीपुर : मलासा ब्लाक में पशुधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण पशुओं के टीकाकरण अभियान में औपचारिकता बरती जा रही है। कई गांवो में पशुओं को खुरपका व मुंहपका के टीके नही लगने से बीमारी का प्रकोप फैलने का खतरा बढ़ गया है।

मलासा ब्लाक के सभी गांवो में 15 मार्च से 30 अप्रैल तक अभियान चलाकर एफएमडीसीपी के तहत खुरपका और मुहपका की संक्रामक बीमारी से बचाव के लिये सभी पशुओं का निश्शुल्क टीकाकरण किया जाना था। अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण टीकाकरण के नाम पर खानापूरी की गयी है। कई गांवों में विभागीय कर्मचारियों के न पहुंचने के कारण टीकाकरण नहीं हो सका है। अधिकारियों ने शतप्रतिशत गांवों में टीकाकरण किए जाने की झूठी रिपोर्ट भेज दी है। बरौर के उमाकांत अवस्थी, चन्द्रभूषण शुक्ला, विनोद, मदनपुर के अमर ¨सह, चन्द्रपाल, आशीष कुमार, मीनापुर के रविशंकर, मकरंदापुर के रहीस खान, बरवा के नजीर खान, बरगवां के लक्ष्मी नारायन आदि पशुपालकों ने बताया कि पशुपालन विभाग की ओर से अभी तक पशुओं को खुरपका व मुंहपका बीमारी से बचाव के कोई टीके नहीं लगाये गए है। इससे गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका है।

पशु चिकित्सालय बरौर के पशु चिकित्सा अधिकारी व टीकाकरण के ब्लाक प्रभारी, पशु चिकित्सक डॉ. मनीष अवस्थी ने बताया कुछ गांवो में टीकाकरण के दौरान पशुपालकों के खेतों परजाने से कुछ पशुओं को टीके नही लग सके है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. केएस यादव ने बताया कि खुरपका व मुहपका बीमारी से बचाव के लिये टीके लगाने में लापरवाही बरतने की शिकायत मिलने पर जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी तथा टीकाकरण से छूटे गांवो में पशुपालन विभाग की टीम भेजकर सभी पशुओं का टीकाकरण कराया जायेगा।

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