जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : सीबीएसई इंटर का परिणाम शुक्रवार को आया तो छात्र छात्राओं में खुशी छा गई। 100 फीसद परिणाम रहा और छात्रों के मुकाबले छात्राओं ने बाजी मारी। जिले में शीर्ष तीन में छात्राएं ही रहीं और नवोदय की वाणी ओमर जिला टाप रहीं और उन्होंने 96 फीसद अंक प्राप्त किया।

शुक्रवार को परिणाम को लेकर छात्र छात्राओं में पहले से उत्सुकता रही और वह इंटरनेट पर नजर जमाए रहे। दोपहर दो बजे परिणाम आया तो सभी बेहद खुश हो गए और माता पिता का आशीर्वाद लिया। केंद्रीय विद्यालय में प्राचार्य एके राय ने विद्यालय पहुंचे छात्र छात्राओं को शुभकामना दी और मिठाई खिलाई। वहीं बच्चों के अभिभावक भी सफलता पर खुश रहे। यहां पर कुल 114 बच्चे थे जिनमें 89 विज्ञान वर्ग व 25 छात्र वाणिज्य वर्ग के रहे। प्राचार्य ने बताया कि कोरोना काल में यह परिणाम बच्चों को हिम्मत देने का काम करेंगे। वहीं नवोदय विद्यालय में 78 बच्चे थे जो कि सभी सफल रहे। यहां की वाणी ओमर ने जिला टॉप किया और 96 फीसद अंक प्राप्त किए। वहीं दूसरे स्थान पर केंद्रीय विद्यालय की वंशिका अग्रवाल रहीं और उन्हें 95.8 फीसद अंक मिले। तीसरे स्थान पर केवी की ही देवांशी शास्त्री रहीं जिन्हें 95.2 फीसद अंक मिले। नवोदय विद्यालय के प्राचार्य सुमन कुमार ने बताया कि बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामना दी गई है। कोरोना काल में बच्चों ने अच्छे से मेहनत किया और वह जीवन के हर डगर पर आगे रहेंगे।

किसी को आइएएस तो किसी को बनना है सीए

मूसानगर गौसगंज निवासी वाणी ओमर नवोदय इंटर की छात्रा हैं। ने रोजाना छह से सात घंटे पढ़ाई की और इंटरनेट मीडिया से दूरी रखी। वह आइआइटी में जाना चाहती है साथ ही इसके बाद सिविल सर्विस में जाने का इरादा है। उनका कहना है कि वह महिलाओं के उत्थान के लिए काम करना चाहती है साथ ही भ्रष्टाचार को खत्म करने की मंशा है। उनके माता पिता व शिक्षकों के सहयोग से ही सफलता मिल सकी।

नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाली रूरा की मानसी गौर ने रोजाना 10 घंटे पढ़ाई की और उन्हें 94.2 फीसद अंक मिले। वह कहतीं हैं कि आगे चलकर सीए बनने का सपना है। वह जब भी कभी परेशान हुईं मां पिता ने हमेशा हौसला बांधा। लक्ष्य को ध्यान में रखकर पढ़ाई करने से उन्हें यह सफलता प्राप्त हुई है।

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रूरा निवासी शहनुमा नवोदय विद्यालय की 12वीं की छात्रा हैं और 94 फीसद अंक प्राप्त किए। उनका कहना है कि रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई की है और अब आईएएस बनने का सपना है जिसे पूरा करके रहेंगी। देशसेवा व समाज सेवा उन्होंने परिवार से सीखी है और सिविल सेवा के जरिए ही इसे पूरा कर सकती हैं।

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केंद्रीय विद्यालय की छात्रा पुखरायां निवासी वंशिका अग्रवाल का कहना है कि वह मेडिकल के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। कोरोना काल में दवा की कालाबाजारी देखकर मन दुखी हो गया था। इसलिए इस क्षेत्र में जाकर कुछ अच्छा करने का सपना संजोया है। रोजाना छह से सात घंटे नियमित पढ़ाई से यह मुकाम पाया है।

रूरा निवासी देवांशी शास्त्री 95.2 अंक पाईं हैं और रोजाना छह से सात घंटे की पढ़ाई की। वह कहतीं हैं कि सिविल सेवा में जाना है और पहले से ही यह सोचकर रखा है। कोरोना के कारण विषम हालात में पढ़ाई की तो परिवार का ही समर्थन था और शिक्षकों ने भी पूरा सहयोग किया।

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नवोदय विद्यालय के छात्र आदित्य ने 93.6 फीसद अंक पाया है। वह कहते हैं कि शिक्षकों ने हर कदम पर साथ दिया और घर पर रहने के दौरान भी फोन पर हर परामर्श व कठिनाई को दूर किया। अब आगे चलकर समाज में अपना नाम सिविल सेवा के जरिए करना है और क्षेत्र व परिवार का नाम रोशन करना है।

Edited By: Jagran