संवाद सूत्र, रूरा: लाखों रुपयों से बने पंचायत घरों में कब्जेदारों का डेरा होने से वह बेमतलब साबित हो रहे हैं। ऐसे में गांव की विकास बैठकें पंचायत भवन में होने के बजाय परिषदीय विद्यालयों के मैदान में हो रही हैं।

डेरापुर ब्लाक क्षेत्र के बहरी उमरी के मजरा सिरकौड़ा गांव में एक दशक पूर्व लाखों रुपयों की लागत से तीन कमरे बरामदे पक्के शौचालय युक्त बनवाये गये थे। जिसमें उद्देश्य यह था कि गांव की विकास योजनाएं यहीं पर बैठक कर तैयार की जाएंगी। लेकिन यहां स्थिती ठीक उलट है। पंचायत भवन में आज तक कोई भी बैठक तो नहीं हुई है लेकिन कब्जेदारों की गिरफ्त में आ गई है। यहां पर एक नहीं गांव के दो अलग-अलग परिवार बाकायदा अपनी जागीर समझकर रह रहे हैं। वहीं गांव की बैठकें बहरी उमरी के परिषदीय विद्यालय परिसर में खुले आसमान के नीचे हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से जमा कब्जेदार अब पंचायत भवन से हटने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिससे ग्राम पंचायत की बैठक होने से दिक्कत है। ग्राम प्रधान विमला देवी ने बताया कि गांव के हाकिम व राम कुमार सिंह पंचायत भवन में कब्जा किये हैं। इनको हटाने के लिए नोटिस जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद न हटने पर कार्यवाही की जायेगी। एसडीएम डेरापुर दीपाली कौशिक ने बताया कि पंचायत भवन को जल्द ही कब्जा मुक्त कराकर उसे उपयोग में लाया जाएगा।

Posted By: Jagran

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