जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : घाटमपुर थाना क्षेत्र के तेजपुर गांव में करीब सात वर्ष पूर्व महिला का शव घर में फंदे पर लटकता मिला था। मामले में स्वजन ने पति, सास, ससुर, देवर पर पुत्री को प्रताड़ित करने व दहेज की मांग पूरी न करने पर हत्या करने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम सुनील कुमार यादव की कोर्ट में चल रही थी। मामले में पति को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

जनपद बांदा के थाना जसपुरा झझरीपुरवा निवासी वादी रामदत्त शुक्ला ने जुलाई 2014 में पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि पुत्री संगीता का विवाह वर्ष 2013 में घाटमपुर थाना क्षेत्र के तेजपुर निवासी अनिल कुमार के साथ किया था। शादी के कुछ दिन बाद से ही ससुरालीजन पुत्री को प्रताड़ित करने लगे। इस पर पुत्री मायके वापस आ गई, जिस पर उसे समझाकर ससुराल वापस भेजा गया। कई प्रयास के बाद भी ससुरालियों के व्यवहार में परिवर्तन नहीं हुआ और 16 जुलाई 2014 को पुत्री संगीता का शव ससुराल में फांसी के फंदे पर लटका मिला। तहरीर पर पुलिस ने पति अनिल कुमार, ससुर, सास व देवर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम में चल रही थी। नियत तिथि पर मंगलवार को न्यायालय ने पति अनिल कुमार को दोष सिद्ध किया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह ने बताया कि अभियुक्त को दोष सिद्ध करते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न अदा करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। वहीं बाकी आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया गया है।

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