जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : जिले में बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती चली जा रही है। शनिवार को जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की ओपीडी में लाइन लगी रही। वहीं शुक्रवार को भर्ती हुए बुखार पीड़ित बच्चे की जांच रिपोर्ट पाजिटिव आई और डेंगू की पुष्टि हुई।

डेंगू और मौसमी बुखार से बड़े ही नहीं बच्चे भी तेजी से चपेट में आ रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में ओपीडी के दौरान फिजीशियन कक्ष, बाल रोग विभाग कक्ष और चेस्ट रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइनें लगी रही। फिजीशियन कक्ष के बाहर लाइन में खड़ी खम्हैला की हीरावती ने बताया कि उन्हें बुखार के चलते कमजोरी सी लग रही है। भिखनापुर की सीमा ने बुखार, जुकाम, पैर दर्द, बिलई की किरन ने बताया कि उन्हें 15 दिनों से बुखार आ रहा। दवा खाने तक आराम रहता, अमर सिंह का पुरवा की ममता खुद की बीमारी व चार वर्षीय बच्चे अवधेश को बुखार का उपचार कराने को लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहीं थीं। बुखार की शिकायत पर नेरा कृपालपुर के राजेश ने अपने आठ वर्षीय बेटे नीलेश को भर्ती कराया था जिसकी जांच रिपोर्ट डेंगू पाजिटिव आई है। उसके स्वजन व आसपास के लोगों के खून का सैंपल जांच को लिया गया साथ ही दवा का छिड़काव कराया गया। वहीं टीमों ने कई घरों में जाकर डेंगू के लार्वा की जांच की। बर्तन व कूलर में जमा पानी को बहाया व दवा का छिड़काव कराया। डेंगू व मलेरिया से बचाव के नियम का पालन न करने पर नोटिस दी गई।

नौ से 25 सितंबर तक हुई 20 जांचें

बुखार के चलते जिला अस्पताल की पैथालाजी में प्रतिदिन सीबीसी व मलेरिया की जांच हो रही है। सीबीसी जांच का आंकड़ा 130 से लेकर 175 तक रहता है। मलेरिया जांच में आठ व नौ सितंबर एक-एक रिपोर्ट पाजिटिव पाई गई। वहीं नौ सितंबर से 25 सितंबर तक डेंगू की 20 जांचें हुई जिसमें 11 मरीज संदिग्ध पाए गए।

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