संवाद सहयोगी, झींझक : बारिश में जिले के कई केंद्रों पर अन्नदाता का रखा गेहूं भीग गया। यहां पर छाया के इंतजाम न होने से यह दिक्कत हुई है। वहीं अकबरपुर केंद्र पर लापरवाही तो इतनी कि यहां मवेशी गेहूं खा रहे हैं और कर्मचारियों की नजर तक नहीं पड़ रही है।

झींझक मंडी समिति मे बने आरएफसी खरीद केंद्र के बाहर जमा किसानों का गेहूं भीग गया। इससे किसानों की चिता बढ़ गई है। भीगे गेहूं को बचाने के लिए उसे सुखाने को फैला दिया गया, लेकिन गुरुवार को फिर से मौसम खराब हुआ और धूप नहीं निकली। किसानों का कहना है कि हर बारिश में यही होता है, लेकिन व्यवस्था यहां सही नहीं हो पा रही है। केंद्र प्रभारी मृदुला सिंह ने बताया कि अधिकतर किसानों का गेहूं शेड के नीचे था। किसानों की तौल कम होने पर बाहर रखा गेहूं तिरपाल से ढका था लेकिन आंधी में यह उड़ने से भीग गया। इसे सुखाकर तौल कराई जाएगी। उधर डेरापुर के सलेमपुर खरीद केंद्र पर भी किसानों का गेहूं भीग गया। किसान यहां पर परेशान रहे और सोचते रहे कि आखिर गेहूं को कैसे बचाया जाए क्योंकि धूप तो निकली नहीं थी। किसानों ने बताया कि छाया का इंतजाम न होने से हम लोगों को समस्या होती है और जिम्मेदार चुप्पी साधे रहते हैं। इधर अकबरपुर में तिरपाल तो ढका हुआ था और गेहूं तो नहीं भीगा, लेकिन मवेशी यहां पर धमाचौकड़ी मचाए हुए थे। मवेशी आराम से गेहूं खा रहे थे, लेकिन उन्हें भगाने के लिए कोई कर्मचारी या जिम्मेदार यहां पर नहीं था।