जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : गर्मी में पेयजल की किल्लत दूर करने के प्रशासनिक प्रयासों पर लोगों का भरोसा डिग गया है। बहुतायत में हैंडपंप खराबी से नगर व ग्रामीण क्षेत्र में लोग परेशान हैं। अलबत्ता मार्च में विकास भवन में बनाए गए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में केवल दो शिकायतें ही आई हैं। इन शिकायतों का भी समाधान अटका है।

गर्मी की दस्तक शुरू होने पर पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए ब्लाक मुख्यालय के साथ जिला मुख्यालय पर विकास भवन में पेयजल कंट्रोल रूप स्थापित किया गया है। बेसिक फोन नंबर 05111271566 जारी किया गया। पेयजल किल्लत दूर करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों की हकीकत से आमजन वाकिफ हैं। ऐसे में डेढ़ माह बीतने के बाद भी पेयजल समस्या के निदान के लिए कंट्रोल रूप पर लोगों ने सूचना दर्ज कराने से इत्तेफाक किया है। जिला स्तरीय पेयजल कंट्रोल रूम में आयी केवल दो शिकायतें इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो विकास भवन के पेयजल कंट्रोल रूप में 5 अप्रैल को विकास भवन के नाजिर ने स्वयं सहायता समूह की दुकानों के पास लगा हैंडपंप खराब होने की शिकायत दर्ज कराई। इधर 12 अप्रैल को बलभद्रापुर के प्रताप नारायण ने मोहल्ले का हैंडपंप खराब होने की शिकायत की। दोनों प्रकरणों का समाधान लंबित है।

-----------------

पेयजल कंट्रोल रूम में दर्ज शिकायतें संबंधित विभागों को भेजी जाती हैं। विकास भवन परिसर का खराब हैंडपंप नगर पंचायत व बलभद्रापुर का हैंडपंप ब्लाक स्तर से दुरुस्त होगा।

-अभिराम त्रिवेदी, डीडीओ

------------------

रीबोर स्थिति में ठप 3500 हैंडपंप

भूजल के अति दोहन व वर्षा जल संरक्षण के कारगर प्रयास नहीं होने से गर्मी में पेयजल संकट के हालात उभर आते हैं। भूजल स्तर गिरने से हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है तो तालाब पोखर सूख गए हैं। जल निगम के आंकड़ों पर गौर करें तो मौजूदा समय में रीबोर स्थिति से 3500 से अधिक हैंडपंप ठूंठ बने हैं। वहीं लगभग 1200 से अधिक हैंडपंप छोटी खराबी से पानी नहीं दे रहे हैँ।

--------------

आंशिक तौर पर संचालित 14 पाइप योजनाएं

जिले की मलासा, मांचा, मैथा, महमूदापुर, राजपुर, कथरी, सट्टी, सुजौर, क¨हजरी, रेउरी, माती, बरौर, संदलपुर व उमरन की पाइप परियोजनाएं आंशिक तौर पर संचालित हैं। इन परियोजनाओं से कुल 116 गांव जुड़े हैं। इसमें से 56 गांवों में जलापूर्ति हो रही है। अन्य गांवों में जलापूर्ति का बुरा हाल है।

By Jagran