जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : जिले में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन रविवार को धूमधाम से किया गया। रंग गुलाल उड़ाते हुए लोग नदी तक पहुंचे और नम आंख से भगवान को विदा किया। वहीं शनिवार रात अकबरपुर में गणेश महोत्सव में राधाकृष्ण झांकी व कलाकारों के करतब देख लोग तालियां बजाने को मजबूर हो गए।

मलासा ब्लाक के मोहम्मदपुर गांव में गणेश महोत्सव के तहत 10 सितंबर को गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई। रविवार को गणेश महोत्सव के अंतिम दिन पंडित विदा प्रसाद ने प्रतिमा स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन पूजन कराया। गांव के ही रामकिशोर गुप्ता, सुधीर, नत्थु सिंह, नमन, भोला सहित अन्य लोगों ने हवन में आहूतियां डालीं। कन्या भोजन के बाद गणेश प्रतिमा की आरती उतारी गई। प्रतिमा को वाहन में रखकर विसर्जन के लिए सेंगुर नदी के लिए रवाना किया गया। विसर्जन यात्रा में शामिल श्रद्धालु, महिलाएं, युवक व युवतियां डीजे की धुन पर अबीर गुलाल उड़ाते हुए भक्ति गीत की धुन पर थिरकते रहे। शाम को प्रतिमा मांवर गांव के पास सेंगुर नदी में विसर्जित की गई। विसर्जन यात्रा में भोला गुप्ता, रितेश, सुधीर, पवन, अनमोल, अर्पित, मनोज शामिल रहे। वहीं सिकंदरा में गणेश महोत्सव के समापन राजेंद्र नगर मोहल्ले के महाकालेश्वर मंदिर परिसर मैदान में कई वर्षों पुरानी परंपरा में इस बार भी गणेश जी की प्रतिमा लगाकर झांकी सजाई गई। आरती पूजन के साथ ही विशेष हवन का आयोजन किया गया। इसके बाद भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया। देर शाम महमूदपुर गांव के सामने बंबे में बप्पा को विदा किया गया। वहीं मालवीय नगर मुहल्ले में भक्तों ने हवन पूजन कर बप्पा को विदाई दी। इस दौरान राजेश बाजपेयी, बबलू सिंह, गोलू, आशीष बाजपेयी, अमित सहित अन्य भक्त मौजूद रहे। उधर, अकबरपुर में गणेश महोत्सव में आग के बीच नृत्य कलाकारों ने प्रस्तुत किया तो लोगों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। वहीं राधाकृष्ण की मनोरम झांकी ने सभी का मन मोह लिया। यहां नितिन गुप्ता ने बताया कि रविवार को विसर्जन किया गया।

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