कोई बना सीओ तो कोई बना थानेदार

जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : मिशन शक्ति के तहत शुक्रवार को बेटियों ने जिले में अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली। थाने पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनी वहीं ब्लाक में पहुंचे ग्रामीणों की सड़क नाली समस्या सुन नाराजगी भी जताई। इसके साथ ही त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

मिशन नारी सशक्तीकरण के तहत डेरापुर ब्लाक सभागार में सीओ आशा पाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व महिलाओं को जागरूक किया, जबकि सांकेतिक रूप से मालवीय इंटर कालेज मुंगीसापुर में 12वीं की छात्रा आकांक्षा मिश्रा ने सीओ की जिम्मेदारी संभालते हुए 1090, 181,1098 सहित अन्य हेल्पलाइन नंबर के बारे में बताया गया। मां अन्नपूर्णा इंटर कॉलेज में कक्षा 10 की छात्रा काजल तिवारी ने सांकेतिक थानाध्यक्ष बनाकर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर समझा इसके साथ ही शिकायतों का निस्तारण किया। वहीं रूरा थाने में सांकेतिक रूप से एसओ बनी स्नेहा सविता ने फरियादियों की समस्याएं सुनी और

मड़ौली निवासी शैलेंद्र पाठक की राजस्व संबंधी शिकायत पर निस्तारण के निर्देश दिए। वहीं महिला हेल्प डेस्क पर प्रिशी ने महिलाओं की समस्याओं को सुना। रसूलाबाद में डिप्टी एसपी विजयेंद्र दुबे ने संकेतिक रूप से आरपीएस इंटर कालेज की 12वीं कक्षा की छात्रा कसक अग्निहोत्री को एक दिन का चार्ज दिया। वहीं सुभाष नगर निवासी अंशिका मिश्रा को प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने एक दिन के लिए जिम्मेदारी सौंपी। वहीं मंगलपुर थाने में प्रभारी निरीक्षक साक्षी अग्निहोत्री ने एक दिन की जिम्मेदारी संभाली। छात्रा ने सीसीटीएनएस, मालखाना, कार्यालय महिला कक्ष, पार्क, बैरक, मेस का निरीक्षण किया।

छेड़खानी की धारा खत्म करने के दिए आदेश

रसूलाबाद में दो पक्षों के बीच छेड़खानी व मारपीट का मामला आया। एक पक्ष की महिला ने आरोपितों पर पीटने व दांत काटने का आरोप लगाया वहीं दूसरे पक्ष की महिला ने छेड़खानी का आरोप लगाया व पिटाई करने की बात कही। पुलिस ने मारपीट, छेड़खानी व लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। सीओ बनीं कशक व थाना प्रभारी अंशिका छात्राओं संग घटनास्थल पर गईं और जांच की। इसके अलावा आसपास के लोगों से पूछताछ की जिसमें लूट व छेड़खानी की बात झूठी मिली। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि सांकेतिक अधिकारी बनाई गई छात्राओं की जांच की जानकारी एसपी केशव कुमार चौधरी को दी गई। एसपी के निर्देश यह आरोप की धारा हटा दी गई है और मुकदमा दोनों पक्ष का मारपीट में चलेगा।

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