संवाद सहयोगी, भोगनीपुर : गोवंश आश्रय स्थलों में गोवंशों को समुचित आहार न मिलने से दुर्बल हो रहे गोवंश मौत के शिकार हो रहे हैं। गुरुवार सुबह मलासा ब्लॉक के बहरई गांव की गोशाला में एक गाय की मौत हो गई। गोशाला गेट पर दोपहर बाद तक ताला लटकता रहने से कौवे शव को नोचते रहे। दोपहर बाद पशु चिकित्सक पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। वहीं मामले की जानकारी अधिकारियों को नहीं दी गई और शाम तक इसे दबाए रखा गया।

इस गोशाला में 52 गोवंशों को खाने के लिए सूखा भूसा दिया जा रहा है। गुरुवार सुबह एक गाय की मौत हो गई। लेकिन गोशाला के गेट पर ताला बंद होने के कारण दोपहर तक शव वहीं पड़ा रहा। इस दौरान कौवे शव को नोंचते रहे साथ ही आसपास मवेशी मंडराते रहे। दोपहर में स्थलकर्मी पप्पू पहुंचा और मामले की जानकारी पशु चिकित्सालय बरौर के पशु चिकित्सक डॉ. राजेश कटियार को दी। डॉ. राजेश कटियार ने

बताया कि कुछ दिनों पूर्व सांड़ के हमले से घायल हुई गाय की मौत हो गई है। मलासा ब्लॉक की बीडीओ ऊषा देवी ने बताया कि बहरई स्थित गोशाला में गाय के मौत की जानकारी नहीं है, सचिव से इस बारे में जानकारी की जाएगी।

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