जागरण संवाददाता, कानपुर देहात: दीपावली के त्योहार के नजदीक आते ही कस्बाई इलाकों में आतिशबाजी की दुकानें सजने लगी हैं। बाजार, चौराहों व कहीं-कहीं मैदान में आतिशबाजी के सीजनल विक्रेताओं ने अपने स्टाल सजा लिए हैं। इन स्टालों पर बड़ी संख्या में युवा मनपसंद आतिशबाजी की खरीद कर रहे हैं। युवाओं के बीच इन स्टालों पर सजे आतिशबाजी आइटम रायल स्लूट, रंगतारा जानेमन व अनार आकर्षण का केंद्र बने हैं। अग्निसुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लोगों को पालने करने के निर्देश दिए गए हैं।

अकबरपुर नगर में भी चोरी छिपे दुकानों में आतिशबाजी दिखने लगी है लेकिन यहां मुख्य स्टाल दीपावली के दो दिन पहले सजाए जाएंगे। इसी तरह भोगनीपुर, झींझक, सिकंदरा, रूरा, गजनेर सहित अन्य कस्बे में पटाखा बिक्री के लिये एसडीएम के कार्यालय से आतिशबाजी बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसके बाद इन अस्थाई लाइसेंसधारक आतिशबाजी के स्टाल सजा रहे हैं। इन स्टालों पर पहुंच रहे युवाओं के बीच सतरंगी रोशनी के साथ आकाश में तेज आवाज वाले रायल स्लूट का बाजार में जलवा दिख रहा है। अनार व तेज आवाज वाले रंगतारा, जानेमन आदि पटाखों की भी खरीदारी तेजी से हो रही है। छोटे बच्चों ने अनार, फुलझड़ी, महताब व पटाखे पसंद आने लगे हैं। यहां अग्निसुरक्षा के पर्याप्त होने तथा मानकों के आधार पर ही स्टाल लगाए गए हैं। इतना ही नहीं आतिशबाजी के स्टालों से कुछ दूर पर बच्चों के पटाखे छ़ुड़ाने से खतरे की संभावना के बनी है। इसके अलावा कस्बे में दीपावली को होने वाली पटाखों की मांग के चलते बड़े पैमाने पर आबादी क्षेत्र में भंडारण हुआ है। पिछले दिनों पुलिस के छापे में गजनेर, रूरा व झींझक कस्बे से अवैध रूप से आतिशबाजी का भंडारण मिला था। इसके बाद भी हादसे का खतरा बना हुआ है। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि पटाखों के लाइसेंसी दुकानदारों को अग्निसुरक्षा के साथ ही तय मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कर्मियों को आतिशबाजी का भंडारण करने वालों की सूचना एकत्र करने को कहा गया है। अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। आतिशबाजी बिक्री के लिए तय मानक

-दुकानों की आपस में दूरी तीन मीटर होनी चाहिए।

-खुले मैदान व आबादी के बाहर दुकानें लगेंगी।

-दुकानों को बनाने में कपड़े का इस्तेमाल न करें।

-बड़ी आवाज वाले पटाखा व रॉकेट न बेचे जाए।

-विक्रय स्थल से 100 मीटर परिधि में पटाखे न चलाएं।

-मोमबत्ती व चिराग आदि का दुकानों में प्रयोग न किया जाए।

-दुकानों के पास बिजली के तार नहीं होने चाहिए।

-पटाखों की दुकानों पर आग बुझाने के लिए पानी-बालू आदि होनी चाहिए।

Posted By: Jagran

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