कानपुर देहात, जागरण संवाददाता : मथुरा के कारागार में जन्म लेते ही कंस की कैद से मुक्त होने वाले भगवान श्रीकृष्ण पिछले 13 साल से शिवली कोतवाली के मालखाने में बंद हैं। मूर्तियां चुराने वाले तो जमानत पर जेल से बाहर आ गए लेकिन कानूनी पेंच में उलझे माखनचोर आजतक मंदिर नहीं पहुंच सके हैं। इस बार उनका जन्मदिन मालखाने में ही मनाया जाएगा।

शिवली कस्बे के प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर से 12 मार्च 2002 को श्रीकृष्ण, राधा व बलराम की अष्टधातु की मूर्तियां व लडडू गोपाल तथा राधारानी की दो छोटी मूर्तियां चोरी हो गई थीं। मंदिर के सर्वराकर आलोक दत्त ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक सप्ताह बाद चोरों को गिरफ्तार कर मूर्तियों को बरामद कर लिया था। इसके बाद से भगवान कृष्ण, राधा व बलराम की मूर्तियां थाने के मालखाने में हैं। चोर तो जमानत पर रिहा हो चुके हैं लेकिन भगवान श्रीकृष्ण, बलराम व राधारानी को कानूनी दांव पेंच के चलते मालखाने से मुक्त नहीं हो सके हैं। पुलिस कर्मियों द्वारा जन्माष्टमी पर मूर्तियों को मालखाने से बाहर निकालकर वस्त्र बदलने व श्रृंगार के बाद पूजन अर्चन किया जाता था। इससे श्रद्धालुओं में नाराजगी है। कोतवाल शैलेंद्र ¨सह ने बताया कि कानूनी पेंच के चलते मूर्तियों को मंदिर में स्थापित नहीं कराया जा सका। उन्होंने बताया कि पूर्व की भाति जन्मोत्सव पर मूर्तियों का पूजन कराया जाएगा।