कानपुर देहात, जेएनएन: श्रावण माह के अंतिम दिन मंदिरों व आश्रमों में भगवान शंकर का भव्य श्रृंगार कर पूजा अर्चना की गई। प्रवचन करते हुए विद्वानों ने शिव की आराधना को मानव कल्याण का रास्ता बताया।

शिवली कस्बे में पौराणिक जागेश्वर मंदिर में रक्षाबंधन के पर्व पर भगवान शिव का परंपरागत श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में भजन कीर्तन व प्रसाद वितरण का सिलसिला चला। पुजारी राकेश पुरी, नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन राधाकृष्ण बाजपेई, नीलू त्रिवेदी, रोहित दीक्षित, रमा शर्मा , जटाशंकर आदि मौजूद रहे। कड़री आश्रम में भी भगवान शिव का श्रृंगार हुआ। महंत रमेशचंद्र ब्रह्माचारी ने कहा कि भगवान शिव की अराधना से मनुष्य का कल्याण संभव है। प्रभु श्रीराम ने भी विपत्ति काल में भगवान शिव की अराधना की। मानव जीवन मिलने के बाद लोग मोह माया के वशीभूत होकर ईश्वर को भूल जाते हैं। भगवान शंकर कृपा करने वाले हैं, उनकी अराधना से कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। आश्रम के संरक्षक छुन्ना ¨सह व अशोक शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे। रसूलाबाद स्थित धर्मगढ मंदिर परिसर में श्रृंगार के साथ भजन पूजन का सिलसिला चला।