कन्नौज, जागरण संवाददाता। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) ने दोषी युवक को 14 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर भारी अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसमें से आधी रकम पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माने की रकम अदा न करने पर तीन माह का अतिरक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, कोर्ट ने विवेचना में लापरवाही बरतने वाले उपनिरीक्षक पर कार्रवाई के लिए डीजीपी को पत्र लिखा है।

शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ल ने बताया कि विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कुशलपुर निवासी एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 17 फरवरी 2017 को उनकी 17 वर्षीय बेटी स्कूल जाने की बात कहकर घर से गई थी। शाम तक वह वापस नहीं आई तो जानकारी करने पर पता चला कि उनके बेटी का गांव के ही गौरव व उनके भाई विपिन ने अपहरण कर लिया है। जब उन्होंने गौरव के पिता विशेश्वर सिंह से शिकायत की तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद किया तो उसने कोर्ट में बताया कि गौरव ने उसकी इच्छा के विरुद्ध उससे शारीरिक संबंध भी बनाए। इस पर दुष्कर्म की धारा और बढ़ा दी गई। पुलिस ने पाक्सो एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया था, जबकि विवेचना उपनिरीक्षक सुनील कुमार यादव को दी गई। प्रारंभ में पुलिस ने मामले में लीपापोती का प्रयास किया। 

बाद में इस मामले में सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बुधवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) गीता सिंह ने गौरव को सभी मामलों में दोषी पाया और दुष्कर्म में 14 साल कठोर कारावास तथा 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। बहलाफुसलाकर भगाने में तीन वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना, अपहरण में पांच वर्ष कारावास तथा दस हजार रुपये जुर्माना, गलत तरीके से प्रतिबंधित करने पर एक वर्ष कारावास तथा एक हजार रुपये अर्थदंड, अशलील व्यवहार पर तीन माह कारावास तथा एक हजार रुपये अर्थदंड, जान से मारने की धमकी में पांच साल कारावास तथा दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सभी सजाएं एक साथ चलेगीं तथा जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।

Edited By: Abhishek Verma