कानपुर, जेएनएन। दरबार बदलते ही दरबारी बदल जाते हैं। कुछ ऐसा ही आजकल तिलक हाल में चल रहा है। नए अध्यक्ष को जिम्मेदारी मिलने के बाद तिलक हाल में अब नए और युवा चेहरों की चहल कदमी बढ़ गई है जबकि कभी रोज यहां आने वाले अब नदारद रहते हैं जबकि नए अध्यक्ष के करीबी युवा कार्यक्रम आयोजन में अग्रिम भूमिका निभा रहे हैं।

महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री की टीम में अधिकतर अनुभवी और वरिष्ठ कार्यकर्ता थे। किसी कार्यक्रम के आयोजन में यह पुराने कांग्रेस कार्यकर्ता बढ़चढ़कर हिस्सा लेते थे। इसके साथ ही ऐसा कोई दिन नहीं बीतता था जबकि 20-25 की संख्या में तिलक हाल में यह पुराने कार्यकर्ता न मिले। लेकिन अब जब सत्ता बदल चुकी है, यह पुराने कार्यकर्ता तिलक हाल से नदारद हो गए हैं।

खुद पूर्व अध्यक्ष भी शहर कांग्रेस कमेटी की पहली बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके साथ ही उनके दाएं और बाएं रहने वाले एआइसीसी और पीसीसी के कई बड़े नेताओं ने भी अब तिलक हाल से कन्नी काट ली है। इसकी शुरूआत शपथ ग्रहण समारोह से हो गई थी जिसमें कई बड़े नेता और सक्रिय कार्यकर्ता नहीं पहुंचे।

चूंकि शहर कांग्रेस कमेटी उत्तर के जिलाध्यक्ष की कमान युवा चेहरे को मिली है तो अब तिलक हाल में आयोजित कार्यक्रमों में पुराने कांग्रेसियों की जगह युवा चेहरे दिखायी देते हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शंकरदत्त मिश्रा को छोड़ दिया जाए तो कार्यक्रम की तैयारियों और आयोजनों में पुराने चेहरे ढूंढना मुश्किल हो जाता है। हालांकि तिलक हाल में आने वाले युवाओं को इससे फर्क नहीं पड़ता। वह कहते भी हैं कि कांग्रेस अब युवा हो गई है। 

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