कानपुर, जेएनएन। बर्रा छह में शनिवार को अराजक तत्वों ने जय श्रीराम का नारा नहीं लगाने पर मदरसे से लौट रहे एक युवक की पिटाई कर दी। राहगीरों के जुटने पर हमलावर भाग निकले। पीड़ित ने दो-तीन बाइकों पर आए हमलावरों के खिलाफ मारपीट व सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, थाने पहुंचे एसएसपी का कहना है कि मामला ओवरटेक के विवाद में मारपीट का है। कहा कि आसपास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज निकलवाए गए हैैं।

बर्रा छह में हरी मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद लुकमान के पुत्र ताज मोहम्मद के मुताबिक दोपहर करीब दो बजे वह उस्मानपुर स्थित मदरसे में पढ़कर बाइक से घर लौट रहा था। आरोप है कि बर्रा छह में एक दुकान के सामने दो-तीन बाइकों पर आए युवकों ने ताज मोहम्मद को रोका और उसकी टोपी उतारकर अभद्रता करने लगे। आरोपित युवकों ने जय श्रीराम का नारा लगाने को कहा और मना करने पर ताज मोहम्मद की पिटाई की। राहगीरों के जुटने पर हमलावर भाग निकले।

एफआइआर में साइकिल से लौटने का जिक्र होने के सवाल पर ताज मोहम्मद के पिता का कहना है कि गलती से तहरीर में यही लिख गए, जिसे पुलिस ने दर्ज कर लिया। बहरहाल, आरोपित युवकों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन टीमें सक्रिय हैैं। एसएसपी अनंत देव तिवारी का कहना है कि घटना की वजह जबरन धार्मिक नारा लगवाना नहीं, बल्कि वाहन ओवरटेक करने के विवाद में मारपीट का है। एसएसपी ने कठोर कार्रवाई का भरोसा भी दिया।

झारखंड में भी हो चुकी ऐसी वारदात: शहरकाजी

शहरकाजी मौलाना रियाज हशमती ने कहा कि बर्रा की घटना के पहले झारखंड में भी ऐसी वारदात हो चुकी है। इनसे लगता है कि देश में कानून का राज खत्म हो गया है। मोदी सरकार से भी जो उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हुई। चेताया भी है कि अगर भीड़ हिंसा के मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो केंद्र सरकार के विरुद्ध आंदोलन करेंगे।  

Posted By: Umesh Tiwari

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