कानपुर, जेएनएन। हाल ही में आयुष्मान खुराना की अभिनीत हास्य फिल्म ड्रीम गर्ल की कहानी तो पता ही होगी। शहर के एक गांव में ऐसी कहानी हकीकत के पर्दे पर उतरी नजर आई है और ड्रीम गर्ल के चक्कर में फंसे युवक ने महीनों बात की और हजारों रुपये गंवा दिए। बाद में जब पता चला कि ड्रीमगर्ल नहीं वो तो ड्रीम ब्वाय है तो पांव तले जमीन खिसक गई। मामला थाने तक पहुंचा और फिर रुपये वापस कराकर समझौता करा दिया गया।

ऐसी थी ड्रीम गर्ल की कहानी

आयुष्मान खुराना की फिल्म ड्रीम गर्ल वर्ष 2019 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म की कहानी में आयुष्मान खुराना एक कॉल सेंटर में पूजा नाम की कॉलर के किरदार में थे, जो अपनी लड़की की जैसी आवाज से लोगों को फंसा लेता था। उनकी आवाज के दीवाने कई लोग हो गए थे और बातों से मोहित युवा से लेकर बुजुर्ग तक शादी तक का सपना देखने लगे। दीवानों की सूची में आयुष्मान के पिता के किरदार में अनु कपूर और मंगेतर के साला भी था। पूरी फिल्म एक हास्य के रूप में दर्शाई गई और अंत में जब हकीकत सामने आई तो सभी मुंह छिपाते नजर आए। कुछ ऐसा ही कानपुर के बिधून थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रधान के चालक के साथ हकीकत में हुआ।

फंस गया प्रधान का चालक

प्रधान के चालक ने बताया कि एक माह पहले उसे मोबाइल फोन पर कॉल आयी थी, जिसमें बात करने वाले की आवाज युवती जैसी थी। इसके बाद उसका फोन पर रसीली बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ दिनों बाद उसने समस्याएं बताते हुए आर्थिक मदद की मांग की। इसपर उससे मिलने कहा तो खुद को शहर के बाहर होने की बात कहते हुए रुपये लेने सहेली के भाई को भेजने की बात कही। हर बार वह भेजे गए युवक को रुपये देता रहा। कुछ दिन पहले उसे शक हुआ तो प्रधान को जानकारी दी। प्रधान ने भी मोबाइल फोन पर उससे बात करनी शुरू कर दी।

शक होने पर बहाने से बुलाया घर

प्रधान को बातचीत के बाद शक हो गया और उसने रुपये देने के बहाने घर पर बुलाया। इस पर सहेली का भाई बनकर पहुंचे युवक को प्रधान ने पकड़ लिया। पहले तो युवक सहेली के भाई वाली कहानी बताता रहा लेकिन बाद में उसने सच उगल दिया। हकीकत सामने आई तो चालक की ड्रीम गर्ल तो ड्रीम ब्वाय निकलने पर सुनने वालों की हंसी छूट गई। बाद में प्रधान ने युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

वायस चेंजर एप से लड़की की आवाज में की बात

पूछताछ में पकड़े गए युवक ने बताया कि वो ही प्रधान के चालक से लड़की की आवाज में मीठी-मीठी बातें करता था। इसके लिए उसने मोबाइल में वायस चेंजर एप लगा रखा था और लड़की आवाज में बात करता रहा। उसी ने परेशानी बताकर उससे रुपये ऐंठता रहा। प्रधान ने बताया कि अबतक 60 हजार रुपये चालक से ठग चुका है। बिधनू थाना प्रभारी देवेंद्र सोलंकी ने बताया कि आरोपित युवक भी प्रधान के चालक के पड़ोसी गांव का है। रुपये वापसी की बात पर दोनों पक्षों में आपसी समझौता हुआ है। प्रधान ने रुपये न मिलने पर तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।

Posted By: Abhishek

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