कानपुर, जागरण संवाददाता। साढ़ थानाक्षेत्र के पड़री-लालपुर गांव में एक युवक की हत्या करके उसका शव गांव बाहर फेंक दिया गया। युवक के मुंह पर कपड़ा ठुंसा हुआ था और पास ही खून से सनी रस्सी और टूटा तमंचा भी पड़ा हुआ था। 10 मीटर दूर उसकी बाइक पड़ी हुई थी। युवक गांव की ही गोशाला में गोसेवक के तौर पर काम करता था। जानकारी पर सीओ सुशील कुमार दुबे, साढ़ एसओ मंसूर अहमद मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम और डाग स्क्वॉड को बुलाया जा रहा है।

गांव निवासी ननखा का 27 वर्षीय बेटा मान सिंह उर्फ लालू यादव गांव बाहर स्थित गोशाला में गोसेवक के तौर पर काम करता था। बड़े भाई राजन ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे वह घर से खाना खाकर बाइक से गोशाला के लिए निकला था। सुबह खेतों की तरफ गए ग्रामीणों ने देखा कि लालू का शव बंबी के किनारे पड़ा हुआ है। उन्होंने स्वजन और पुलिस को जानकारी दी।

पुलिस ने जाकर जांच की तो पता चला कि लालू की बाइक बंबी के अंदर पड़ी थी। करीब 10 मीटर की दूर बंबी किनारे कच्ची पर लालू का शव पड़ा था। मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ था, कपड़े फटे हुए थे और सिर पर घाव थे। पास ही उसके गले का रुद्राक्ष माला टूटा पड़ा था और तमंचे की बट, स्प्रिंग, ट्रिगर टूटा पड़ा था। थोड़ी ही दूर खून से सनी प्लास्टिक की रस्सी भी पड़ी हुई थी। मौके पर देखकर ऐसा लग रहा था कि, उसे रस्से से खींचा गया है।

सोमवार को तिलक, आठ जुलाई को थी शादी : लालू यादव की शादी बड़े भाई की साली के साथ तय हुई थी। फतेहपुर जिले के बकेवर थानाक्षेत्र के किशनपुर मंडौली गांव में आठ जुलाई को बारात जानी थी। सोमवार 27 जुलाई को तिलक होना था। घर पर शादी की तैयारियां चल रही थी। अचानक खुशी का माहौल मातम में बदल गया।

स्वजन को किसी पर शक नहीं : लालू पांच बहन और दो भाई थी। मां का देहांत कई साल पहले हो चुका है। चार बहनें शादी शुदा है। लालू की हत्या के बाद से सभी का बुरा हाल है। स्वजन अभी हत्या का शक किसी पर नहीं जता रहे हैं। वे यही कह रहें कि लालू इतना सीधा था, उसकी तो किसी से नहीं लड़ाई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी फोरेंसिक और डाग स्क्वाड को बुलाया है। सीओ सुशील कुमार दुबे का कहना है कि जांच की जा रही है।

Edited By: Abhishek Agnihotri