फतेहपुर, जागरण संवाददाता। क्षेत्र के रग्घूपुर गढ़ा गांव में बुधवार दोपहर नलकूप के अंदर युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। स्वजन नलकूप पर पहुंचे तो उन्हें घटनास्थसल पर तमंचा, खोखा और जिंदा कारतूस पड़ा मिला। वहीं, बेटे का शव चारपाई पर खून से लथपथ पड़ा था। पिता ने आरोप लगाया कि अकेले पाकर किसी ने बेटे की हत्या कर दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और लोगों से पूछताछ की। वहीं, फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिली चीजों को जुटाया।

रग्घूपुर गांव निवासी उमेश चंद्र तिवारी किसानी करते हैं। आठ संतानों में सबसे छोटा पुत्र 18 वर्षीय सतीश तिवारी अहमदाबाद में सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) पेट्रोल पंप में नौकरी करता था। कुछ दिन पहले ही वह छुट्टी पर गांव आया था। बुधवार सुबह सतीश दूध बांटने गया था। लौटने के बाद वह निजी नलकूप चला गया। माता-पिता भी फसलों की रखवाली करने नलकूप पर आ गए। तीनों लोग काफी देर तक साथ में रहे। दोपहर में आंधी आने पर माता-पिता घर चले गए। नलकूप में अकेले रहे सतीश तिवारी को इसी दौरान गोली लग गई। कनपटी में गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब पिता नलकूप पर दोबारा पहुंचा तो उसने सतीश को चारपाई पर खून से लथपथ देखा तो सन्न रह गए। पिता ने आरोप लगाया कि नलकूप में बेटे को अकेला पाकर किसी ने उसे गोली मार दी है। 

फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य 

फोरेंसिक टीम घटना स्थल का निरीक्षण किया और नमूने लिए। सीओ संजय सिंह ने कहा, मौके की परिस्थितियों से खुदकुशी स्पष्ट हो रही है। फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सब साफ हो जाएगा। तमंचा पर किससे अंगुली के निशान हैं ये भी स्पष्ट हो जाएगा। 

वाट्स एप पर दो दिनों से लगा रहा था गमगीन स्टेटस 

आठ भाई-बहनों में सतीश सबसे छोटा था। घटनास्थल पर मिली चीजें और साक्ष्य कुछ भी कहें, लेकिन मां आरती और पिता उमेश चंद्र बेटे द्वारा खुदकुशी किए जाने की बात नहीं मान रहे हैं। उधर, पुलिस ने बताया कि दिवंगत के मोबाइल फोन की जांच और उसके दोस्तों से बातचीत में स्पष्ट हुआ है कि बीते दो दिनों से वाट्सएप पर गमगीन स्टेटस लगा रहा था। एक दिन पहले ही वह बड़े भाई की ससुराल से लौटा था। ऐसी चर्चा रही कि प्रेम प्रसंग के मामले में खुदकुशी कर सकता है।

Edited By: Abhishek Verma