चित्रकूट, जेएनएन। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग प्रदेश में रामायण कान्क्लेव आयोजित करने जा रहा है। 18 स्थानों में होने वाले इस आयोजन से योगी सरकार लोगों को रामराज्य के दर्शन कराएगी। 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रामायण कान्क्लेव (रामायण सम्मेलन) का शुभारंभ भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या से होगा, जबकि 12 अक्टूबर को समापन लखनऊ में होगा। चित्रकूट में इसका आयोजन 'वाल्मीकि के राम' की थीम पर किया जाएगा, जिसमें बुंदेलखंडी लोक कलाकार वनवासी राम के दर्शन कराएंगे।

चित्रकूट में होने वाले आयोजन में स्थानीय सहयोगी उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सदस्य एवं जगदगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डा.गोपाल कुमार मिश्र ने बताया कि संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने आयोजन को अंतिम रूप दे दिया है। रामायण कान्क्लेव से प्रदेश के16 जिलों में संगोष्ठियों के साथ-साथ करीब 2500 लोक कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से रामराज्य की जीवंत बनाएंगे। चित्रकूट में होने वाले आयोजन के लिए जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने 'वाल्मीकि के राम' थीम दी है, क्योंकि महर्षि के कहने पर ही भगवान राम चित्रकूट में रहे थे। यहां पर आयोजन 16 व 17 अगस्त को प्रस्तावित है।

इन जिलों में होंगे आयोजन : शुभारंभ अयोध्या से, गोरखपुर, बलिया, वाराणसी, विंध्याचल, शृंगवेरपुर, चित्रकूट, ललितपुर, बिठूर (कानपुर), मथुरा, गढ़मुक्तेश्वर, गाजियाबाद, सहारनपुर बिजनौर, बरेली और समापन लखनऊ में।

यह होंगे प्रमुख आकर्षण

-रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित चित्रकार शिविर

-मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन की विभिन्न लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम

-रामकथा के विविध प्रसंगों पर आधारित चित्रकला, मूर्तिकला व अभिलेखों की प्रदर्शनी

-स्थानीय लोक कलाकारों की लोक प्रस्तुतियां

-श्रीराम पर आधारित रामलीला, नौटंकी, स्वांग, भजन व नाटक आदि

-श्रीराम के जीवन पर आधारित कवि सम्मेलन

-संगोष्ठियों में आयोजन स्थल के अनुरूप रामायण के विभिन्न प्रसंगों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर व्याख्यान

-बच्चों में रामायण संस्कृति के प्रति आकर्षण उत्पन्न करने के लिए रामायण पर आधारित क्विज प्रतियोगिताएं

-कोरोना प्रोटोकाल का पूर्णरूपेण अनुपालन करते हुए समस्त कार्यक्रमों का आनलाइन प्रसारण

Edited By: Abhishek Agnihotri