कानपुर, जेएनएन। सूबे के चुनावी समर में जब भाजपा 2017 उतरी थी तो उसके पास गिनाने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियां थीं और तत्कालीन प्रदेश सरकार की नाकामियां। इसके अलावा जनता के लिए वादों की एक लंबी फेहरिस्त थी। विकास इसका सबसे बड़ा मुद्दा था। नवंबर 2021 में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर की पहली मेट्रो में सफर करेंगे तो वह एक चुनावी मंजिल भी तय करेंगे।

कानपुर मेट्रो के दो रूट तय किए गए हैं। पहला आइआइटी से नौबस्ता तक है तो दूसरा चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय से बर्रा आठ तक है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने आइआइटी के सामने पूजन कर मेट्रो ट्रैक के निर्माण का काम शुरू करा दिया। ऐसे में वक्त बेहद कम है। इसलिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन ने आइआइटी से मोतीझील तक 8.6 किलोमीटर की दूरी को प्राथमिक सेक्शन तय किया है। इस क्षेत्र में कारपोरेशन 30 नवंबर 2021 तक मेट्रो का संचालन शुरू करने की तैयारी के साथ निर्माण में जुट गया है।

यदि यूपीएमआरसी अपने इस प्रोजेक्ट में समयबद्ध रहा तो अपनी सरकार के कार्यकाल में मेट्रो की नींव रखने और कार्यकाल के अंतिम दौर में संचालन का पूरा श्रेय योगी सरकार को जाएगा। सो जब कानपुर व आसपास के जिलों में मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार पर निकलेंगे तो उनके पास विकास के एजेंडे को धार देने के लिए मेट्रो अहम रोल निभाएगी।

Posted By: Abhishek

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