कानपुर, जेएनएन। लीवर यानी यकृत हमारे शरीर में पांच सौ से भी अधिक गतिविधियों में भाग लेता है। यह मस्तिष्क के बाद शरीर का सबसे जटिल अंग माना जाता है। लिवर बहुत ही नाजुक अंग है। अगर इसकी ठीक तरह से देखभाल न की जाए तो यह क्षतिग्रस्त हो सकता है। लीवर से संबंधित समस्याओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस वर्ष वल्र्ड लीवर डे की थीम, ‘कीप योर लीवर हेल्दी एंड डिजीज फ्री’ (अपने लीवर को स्वस्थ्य और बीमारियों से मुक्त रखें) रखी गई है।

यह थीम इसलिए चुनी गई है ताकि लोगों को लिवर को स्वस्थ्य रखने के प्रति जागरूक किया जाए। लीवर शरीर के बहुत सारे कार्यों में सम्मिलित होता है। यह शरीर का इकलौता अंग है, जो आसानी से क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को बदल सकता है, लेकिन अगर लीवर की कोशिकाएं अधिक संख्या में क्षतिग्रस्त हो गई हों तो इसके लिए इस क्षति की भरपाई करना संभव नहीं होता है।

लीवर के प्रमुख कार्य

  • यह कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के मेटाबॉलिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
  • यह बाइल का निर्माण करता है, जो भोजन के पाचन के लिए जरूरी है, विशेषरूप से वसा के अतिरिक्त ग्लूकोज या शुगर को अपनी कोशिकाओं में ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहीत करता है और जब शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है तब यह इन्हें वापस ग्लूकोज में बदल देता है
  • लीवर अमीनो एसिड्स का निर्माण करता है, जो प्रोटीन का निर्माण करने और संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक है
  • यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक आयरन का स्टोरेज करता है
  • लीवर का कार्य कोलेस्ट्रॉल और दूसरे रसायनों का निर्माण करना भी है
  • लीवर शरीर में र्नििमत व्यर्थ पदार्थों को यूरिया में बदलता है, जो यूरिन द्वारा बाहर निकल जाती है
  • यह रक्त से बैक्टीरिया और टॉक्सिंस को बाहर करता है
  • यह विटामिंस, वसा, कोलेस्ट्रॉल और बाइल का संग्रह करता है

लीवर से संबंधित समस्याएं: लीवर की बीमारियों को हेपेटिक डिजीज भी कहते हैं। इसमें लिवर से संबंधित सभी समस्याओं को सम्मिलित किया जाता है। लिवर की प्रमुख बीमारियां।

  • हेपेटाइटिस
  • फैटी लीवर
  • पीलिया
  • लीवर कैंसर
  • लीवर सिरोसिस
  • लीवर फेलियर

अस्वस्थ लीवर को इन लक्षणों से पहचानें

  • थकान का अनुभव होना
  • लगातार वजन घटना
  • जी मिचलाना
  • चक्कर आना
  • रक्त में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ने के कारण त्चचा का रंग पीला पड़ना
  • पेट के दाईं ओर ऊपरी भाग में दर्द होना

ध्यान रखें

  • अल्कोहल का सेवन न करें
  • शरीर के मध्य भाग में चर्बी न बढ़ने दें
  • ऐसी चीजों का सेवन करें, जिनमें फाइबर, विटामिंस, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स की मात्रा अधिक हो।
  • समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराते रहें, जिससे रक्त में वसा, कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज के स्तर का पता चलता रहे
  • धूमपान से दूर रहें
  • हेपेटाइटिस ए और बी का वैक्सीनेशन करवाएं
  • कार्बोहाइड्रेट का सेवन सीमित मात्रा में करें, क्योंकि अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट के सेवन से लिवर में फैट जमा हो जाता है
  • तनाव को नियंत्रित रखें, क्योंकि इससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर लिवर की कार्यप्रणाली पर पड़ता है

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