कानपुर, जेएनएन। पनकी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ट्रेन की बोगी फ्रेम बनाने वाली फैक्ट्री में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से युवक के चीथड़े उड़ गए और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। धमाका इतना तेज था कि आसपास क्षेत्र में दहशत फैल गई और फैक्ट्रियों से कर्मचारी बाहर निकल आए। आनन फानन घायलों को एलएलआर अस्पताल हैलट भेजा गया है। पुलिस ने सिलेंडर फटने के कारण की जांच शुरू कर दी है।

पनकी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-4 स्थित एक फैक्ट्री में वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी फ्रेम बनाने का काम होता है। यहां पर कानपुर देहात शिवली के जुगराजपुर निवासी जसवंत पाल का 28 वर्षीय बेटा सर्वेश काम करता था। वह पनकी के विद्यार्थी नगर में पत्नी आरती व अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ किराए के मकान में रहता था। मंगलवार सुबह  फैक्ट्री में सर्वेश ऑक्सीजन चेंबर में लगे सिलेंडर को बदल रहा था।
इस बीच तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया, जिसकी चपेट में आने से सर्वेश के चीथड़े उड़ गए। ऊपर का टीन शेड उखड़ते ही सर्वेश के कटे अंग बाहर जा गिरे। वहीं पास में मौजूद तीन अन्य मजदूर कुलदीप, छोटू व दीपक भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। तेज धमाका होने से आसपास की फैक्ट्रियों में भी दहशत फैल गई। फैक्ट्री के सभी कर्मचारी बाहर की ओर भाग पड़े।

घायलों को एलएलआर अस्पताल भेजा गया, जहां तीनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना की जानकारी होते ही दमकल की दो गाडिय़ों समेत कल्याणपुर, पनकी, गोविंद नगर, नवाबगंज, फजलगंज, सचेंडी, बर्रा व अर्मापुर थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

शाम को घर जाना था, कहां तुम चले गए
फैक्ट्री में सर्वेश की मौत की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया। बदहवास पत्नी आरती नंगे पैर ही बेटी को गोद में लेकर फैक्ट्री के बाहर आ पहुंची। उसके रिश्तेदार आरती को दिलासा देते रहे लेकिन बेसुध आरती केवल यही कहती रही कि शाम को गांव चलने का वादा करके, कहां तुम चले गए।

टीन शेड फाड़कर फैक्ट्री के बाहर गिरे अंग
ऑक्सीजन सिलेंडर बदलते समय तेज धमाके में सर्वेश के चीथड़े उड़ गए, जो टीम शेड को फाड़ते हुए फैक्ट्री परिसर से बाहर उसके कटे अंग जा गिरे। बेटे के शव क्षत-विक्षत देख मौके पर पहुंची मां गीता पाल बेहोश होकर गिर पड़ी। पानी के छींटे मारकर परिजन किसी तरह उन्हें होश में लाते रहे।

धमाका होते ही इलाके में दहशत
फैक्ट्री के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर में जोरदार धमाके के बाद इलाके में दहशत फैल गई। धमाका होते ही फैक्ट्री के अंदर मौजूद कर्मचारी बाहर की ओर भागे, तो वही आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूर भी फैक्ट्री छोड़कर बाहर निकल आए। आसपास की फैक्ट्रियों में लगभग तीन घंटे तक कामकाज प्रभावित रहा।

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Posted By: Abhishek