जालौन, जेएनएन। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अकोढ़ीदुबे में सोमवार की सुबह हृदयविदारक घटना ने लोगों को झकझोर दिया। एक जिद पूरी न होने पर मां-बेटे काल के गाल में समा गए। पति द्वारा साथ न ले जाने पर संदिग्ध हालात में विवाहिता की 11 माह के अबोध बच्चे के साथ आग में जलकर मौत हो गई। आग से झुलसे बच्चे को देखने की हिम्मत भी कोई जुटा नहीं पाया और आंखों में आंसू भरकर मुंह घुमा लिया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

रात में पति-पत्नी में हुआ था विवाद

अकोढ़ीदुबे निवासी शैलेन्द्र सिंह पाल उर्फ गुरु पुत्र मलखान रोजगार के लिए कर्नाटक में रहता है तथा वहीं पर धंधा करता है। उसकी 28 वर्षीय पत्नी वंदना अपने 11 माह के बेटे राजदीप उर्फ दीपराज को लेकर सास ससुर के साथ गांव में रहती थी। कुछ दिन पूर्व शैलेन्द्र कर्नाटक से घर आया था और वापस जाने की तैयारी कर रहा था। वंदना भी उसके साथ जाने की जिद कर रही थी, इस बात को लेकर दोनों में रात को विवाद हो गया था।

आधी रात अचानक शोर सुनकर टूटी परिवार की नींद

पति-पत्नी का झगड़ा शांत होने के बाद रविवार की रात घर के सभी लोग सो गये। आधी रात अचानक वंदना की चीख पुकार सुनकर परिवार के लोगों की नींद टूटी। वंदना को बच्चे के साथ आग की लपटों में घिरा देख परिजन घबरा गए। आनन फानन आग बुझाई और दोनों को अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने परीक्षण के बाद मां-बेटे को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होते ही पड़ोसियों की भीड़ लग गई और मासूम की तड़पकर मौत को लेकर विवाहिता की जिद को कोसते रहे। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों से पूछताछ की। कोतवाली प्रभारी देवेन्द्र सिंह ने कहा कि मां-बेटे की मौत को लेकर हर बिंदु को ध्यान में रखकर छानबीन कराई जा रही है।

Posted By: Abhishek