कानपुर, जेएनएन। सेंट्रल स्टेशन पर रविवार को एक अजीबो गरीब मामला सामने आया। जीआरपी ने प्लेटफार्म पर आधी रात के बाद बुरका पहने घूम रही 14 वर्षीय किशोरी को पकड़ा। विधिक कार्रवाई पूरी करके जब चाइल्ड लाइन की टीम किशोरी के घर पहुंची तो माजरा उल्टा निकला। जिसे वह अब तक किशोरी समझ रहे थे, असल में वह लड़का निकला।

रात करीब ढाई बजे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बुरका पहने लड़की को अकेली देख जीआरपी सिपाही ने उसे रोक लिया। पूछताछ शुरू की तो पता चला कि किशोरी घर से नाराज होकर आ गई है। सुबह होने पर जीआरपी ने किशोरी को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया। चाइल्ड लाइन के समन्वयक धमेंद्र ओझा ने बताया कि जब सहयोगी सदस्यों ने किशोरी की काउंसिलिंग शुरू की तो उसने अपना पता बाकरगंज का बताया। चूंकि किशोरी के पास घर का कोई मोबाइल नंबर नहीं था, इसलिए टीम विधिक कार्यवाही पूरी करके उसे लेकर बाकरगंज पहुंची।

जब गृहस्वामिनी से उसकी बेटी के नाराज होकर घर से भागने की जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियां घर पर हैं। 24 घंटे से उनका 14 साल का बेटा गायब है। जब उन्होंने बुरका उठाया तो परिजन सन्न रह गए। बुरका में छिपा उनका बेटा ही था। परिवारीजन ने बताया कि उनका बेटा लड़की बनने की चाहत व्यक्त करता था लेकिन वह ऐसी हरकत करेगा, उन्हें यकीन नहीं हो पा रहा है। जबकि किशोर का कहना है कि वह लड़की बनना चाहता है, यही अनुभव लेने को वह शहर में लड़की बनकर घूम रहा था।

बदलनी पड़ी जीडी की लिखापढ़ी

जीआरपी ने लावारिस किशोर को ड्रेस के आधार पर लड़की दर्ज करके चाइल्ड लाइन को सौंपा था। बाद में सच्चाई पता चलने पर विधायक सोहेल अंसारी ने लिखकर भेजा कि बेटा ही बेटी बना था। इसी के आधार पर जीआरपी ने बाद में जीडी में बदलाव किया। 

Posted By: Abhishek

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