कानपुर, जेएनएन। हमीरपुर, बरेली, सहारनपुर, लखनऊ समेत यूपी के जिलों में मानसून दस्तक देकर कमजोर पड़ गया है, जिसे लेकर मौसम विज्ञानियों में चिंता शुरू हो गई है। फिलहाल अगले दो दिन तक बदली और बूंदाबादी की संभावना जताई जा रही है। इतने वर्षों में पहली बार मानसून के दस्तक देने के बाद सिस्टम कमजोर होने की वजह को लेकर मंथन शुरू हो गया है। देश भर के मौसम विशेषज्ञ आकलन में जुट गए हैं। फिलहला दो दिन बाद बदली और हल्की बारिश की संभावना जताई और बीच बीच में बूंदाबांदी भी हो सकती है।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश के ऊपर बना मौसमी सिस्टम मध्य प्रदेश की ओर खिसक गया, जबकि बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र भी कमजोर हो गया। वह कहते हैं कि मानसून के इतने करीब आकर ठिठक जाना चकित करने वाला है। दक्षिण पश्चिमी हवा का रास्ता अरब सागर की ओर से मैदानी क्षेत्रों की ओर आ रही उत्तर पश्चिमी हवा ने रोक दिया। दोनों के मिलने से प्रदेश में बारिश की संभावना कम हो गई।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में भी वर्षा के आसार कम रह गए हैं। उत्तराखंड और जम्मू के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जिसकी वजह से वहां बारिश हो रही है। डॉ. पांडेय ने बताया कि टर्फ लाइन पहले प्रदेश के ऊपर थी, जबकि तीन दिन पहले यह खिसक कर मध्य प्रदेश की ओर चली गई। मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, भोपाल, हमीरपुर, बाराबंकी, बरेली, सहारनपुर, अंबाला, अमृतसर से गुजर रही है। वातावरण में नमी की अधिकता बनी हुई है। हवा की रफ्तार सामान्य से तेल चलेगी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 35.2, न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। हवा 6.1 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। अधिकतम आद्रता 90 फीसद तक पहुंच गई है। सुबह और शाम के समय ठंडी हवा चल रही हैं।

Edited By: Abhishek Agnihotri