कानपुर, [शशांक शेखर भारद्वाज]।  उड़ती धूल, जलते कूड़े के ढेर, वाहनों से निकलते धुएं का खतरनाक असर नजर आने लगा है। यूपी में इससे आंख, नाक, गले के साथ ही अस्थमा और फेफड़ों की गंभीर बीमारी सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीस) के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह चौंकाने वाला तथ्य इंडियन चेस्ट सोसाइटी और चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन के संयुक्त शोध में सामने आया है। रिसर्च के मुताबिक उत्तर प्रदेश अस्थमा और सीओपीडी के रोगों की राजधानी बन गया है। हर चार स्वस्थ्य मनुष्यों में से एक इसकी चपेट में है। इसका अहम कारण वायु प्रदूषण है, जबकि इससे पहले सिर्फ बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू का प्रयोग करने वाले लोग ही इन बीमारियों का शिकार होते थे।
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के सहयोग से शोध
चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ. संदीप साल्वी, केजीएमयू के चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूशन (आइएचएमई) के डायरेक्टर डॉ. क्रिस्टोफर मुरे के सहयोग से शोध किया है। देशभर में प्रकाशित 108 मेडिकल जनरल और 100 से ज्यादा निजी डॉक्टरों से डाटा लेकर इंडियन ग्लोबल बर्डन डिसीज के डाटा से मेडिकल मॉडलिंग की गई। डॉ. साल्वी के मुताबिक मेडिकल मॉडलिंग के नतीजे 95 फीसद तक सही होते हैं।
प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी से लिया डाटा
चेस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष व मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल, कानपुर के प्रो. सुधीर चौधरी के मुताबिक प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी से भी डाटा लिया गया। मौसम के मुताबिक मरीजों की संख्या, रोग के प्रकार के बारे में पूछा गया।

शोध में आए परिणाम

  •  80 फीसद मरीज वायु प्रदूषण के कारण हुए अस्थमा और सीओपीडी का शिकार
  •  40 फीसद लोग बाहरी प्रदूषण और इतने ही घरेलू प्रदूषण की वजह से हुए बीमार
  •  एक मॉस्क्यूटो क्वाइल में 100 सिगरेट के बराबर हानिकारक धुआं
  •  एक मोटी धूप बत्ती में पीएम 2.5 की मात्रा 500 सिगरेट के समान

सीओपीडी ग्रस्त टॉप फाइव राज्य
1. उत्तर प्रदेश
2. पश्चिम बंगाल
3. बिहार
4. उत्तराखंड
5. त्रिपुरा
इतनी मौतें होती हैं प्रतिवर्ष
- उत्तर प्रदेश में सीओपीडी और अस्थमा की वजह से प्रत्येक वर्ष 2,10,877 रोगियों की मृत्यु होती है।
- सीओपीडी से देशभर में होने वाली मौत में 24 फीसद उप्र में
- देशभर में अस्थमा से होने वाली मौत में 26 फीसद उत्तर प्रदेश के लोग
- एक करोड़ सीओपीडी और 60 लाख अस्थमा के मरीज
प्रदेश के डॉक्टरों के लिए एडवाइजरी जारी
शोधकर्ताओं ने दो हफ्ते पहले आगरा में हुई बैठक में प्रदेश के चेस्ट रोग विशेषज्ञों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें वायु प्रदूषण के खतरे को लेकर लोगों को जागरूक करने की बात कही गई है।

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