कानपुर, जेएनएन। मजलिस तहफ्फुज खत्मे नुबुव्वत कानपुर के अध्यक्ष और शहरकाजी मौलाना मुहम्मद मतीनुल हक उसामा कासमी का कहना है कि अयोध्या मसले पर जो भी निर्णय सुप्रीम कोर्ट का होगा, उसे सब मानेंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद किसी तरह का विवाद होता है तो उसे रोकना सरकार की जिम्मेदारी है।

मजलिस तहफ्फुज खत्मे नुबुव्वत कानपुर के अध्यक्ष और शहरकाजी मौलाना मुहम्मद मतीनुल हक उसामा कासमी ने बताया कि 19 अक्टूबर को रजबी ग्राउंड परेड में तहफ्फुज खत्मे नुबुव्वत हदीस कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इसमे कुरआन व सुन्नत के माहिर उलमा शामिल होंगे। इसकी अध्यक्षता दारूल उलूम देवबंद के कुलपति मौलाना मुफ्ती अबुल कामिस नोमानी करेंगे।

उन्होंने कहा कि कादियानी कलमा तो बड़े जोर शोर से पढ़ते हैं लेकिन बुनियादी आस्था को न मानने के कारण वह इस्लाम से बाहर हैं। जो मुसलमान कुरआन की एक पंक्ति का भी या हदीस की किसी बात का इंकार कर दे तो वह मुसलमान नहीं रह जाएगा। ऐसे लोग धोखा देने के लिए खुद को मुसलमान कहते हैं इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खत्मे नुबुव्वत और हदीस के खिलाफ उठने वाले फितनों को समझने के लिए कांफ्रेस का आयोजन किया जा रहा है। वार्ता में डॉ. हलीमुल्लाह खां, मौलाना मुहम्मद शफी मजाहिरी, मौलाना नूरूद्दीन अहमद कासम, मौलाना मुहम्मद अकरम जामई व अन्य लोग उपस्थित रहे।

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