जागरण संवाददाता, कानपुर : नगर निगम के बूते नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने शहर को दो माह में चंट्टा मुक्त कराने का दावा किया था लेकिन चंट्टे हटाना तो दूर अधिकारी कार्ययोजना तक नहीं बना सके। तय हुई समयसीमा समाप्त होने में महज चार दिन शेष हैं, ऐसे में अफसरों की लापरवाही से मंत्री की घोषणा हवा-हवाई साबित होने जा रही है। सबसे दु:खद पहलू तो यह है कि नगर निगम की 'स्थानीय सरकार' भी शहर की इस बड़ी समस्या पर संजीदा नहीं हुई और न ही मंत्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाने में कोई दिलचस्पी दिखाई।

बेपरवाही का आलम यह है कि अभी तक सिर्फ 130 चंट्टों के ही चालान हुए हैं। गोबर के निस्तारण के लिए भी कोई कारगर कार्ययोजना नहीं बन पाई है। चंट्टे शहर के लिए नासूर बने हैं। कई जगह इन्हीं की वजह से सीवर लाइनें चोक पड़ी हैं। नगर विकास मंत्री ने बीती 28 दिसंबर को सर्किट हाउस में बैठक में दो माह में चंट्टे हटाने के आदेश नगर आयुक्त अविनाश सिंह को दिए थे। स्थिति यह है कि 45 दिन तो केवल चंट्टे चिह्नित करने में ही लग गए। 1192 चंट्टे चिह्नित हुए जो सड़क व फुटपाथ पर लगते हैं। स्थिति यह है कि पॉश इलाके स्वरूप नगर, आर्यनगर, सर्वोदय नगर, काकादेव, साकेत नगर समेत कई इलाकों में फुटपाथ व सड़क पर चंट्टे चल रहे हैं।

चंट्टे न हटे तो कैसे स्मार्ट व स्वच्छ होगा होगा

शहर को स्मार्ट बनाने के लिए 23 अरब रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। 318 करोड़ रुपये के काम होने जा रहे हैं। ऐसे में बिना चंट्टे हटे कैसे शहर स्मार्ट और स्वच्छ हो पाएगा।

केवल कार्ययोजना ही बनी

योजना बनी थी कि गोबर उठाने के लिए नगर निगम प्रति ट्रक आठ सौ रुपये लेगा, लेकिन अभी तक योजना को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है।

यह है स्थिति

चिह्नित चंट्टे - 1192

स्थिति- सड़क व फुटपाथ को घेर रखे है

दिक्कत-अतिक्रमण व गंदगी होने के कारण निकलना होता दूभर

नुकसान- गोबर सीवर व नाले में बहाने से हर वर्ष सफाई में एक करोड़ का चूना लगता है।

28 दिसंबर से अब तक चालान- 130

नहीं भेजी सूची -नगर निगम ने अभी तक केडीए को कैटल कालोनी बनाने के लिए चंट्टों की सूची नहीं भेजी है।

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'' चंट्टे हटवाने के लिए स्थान ढूढ़ने की कार्रवाई चल रही है। सड़क और फुटपाथ पर चल रहे चंट्टों को नोटिस दी गई है। उनको हटाने के साथ ही सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। - प्रमिला पांडेय, महापौर

''स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम के कर्मचारी लगे हैं, इसकी वजह से चंट्टे हटाने में थोड़ा विलंब हो रहा है लेकिन फुटपाथ और सड़क पर चल रहे चंट्टों को नोटिस दिए जा रहे हैं। चंट्टों की सूची केडीए को भेजकर शहर के चारों दिशाओं में जगह देने को कहा जाएगा। जगह मिलते ही चंट्टों को शिफ्ट किया जाएगा। - अविनाश सिंह, नगर आयुक्त।

Posted By: Jagran

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