चौबेपुर (कानपुर), जागरण संवाददाता। चौबेपुर के बंसठी गांव में धार्मिक स्थल का रंग बदले जाने के बाद दो वर्गों में तनाव के हालात बन गए थे। गांव में पीएसी तैनात की गई है। पुलिस की ओर से एक वर्ग के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सात लोगों को शांति भंग में पाबंद करने से दूसरे वर्ग के लोगों में रोष दिखा। बुधवार को मौके पर पहुंचे विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने धार्मिक स्थल पर सफेद रंग कराने की मांग करते हुए हंगामा किया। वहीं गांव के 200 लोगों ने हस्ताक्षर कर उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। 

बंसठी गांव के किनारे कृष्णानगर में कई वर्षों से एक चबूतरे पर बने धार्मिक स्थल पर दोनों वर्गों के लोग पूजा और इबादत करते आ रहे हैं। सोमवार की रात एक वर्ग ने भगवा रंग से पुताई करा दी। सुबह जब इसकी जानकारी हुई तो दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध प्रकट करते हुए हंगामा कर दिया।  एसडीएम बिल्हौर आकांक्षा गौतम व सीओ सदर संग्राम सिंह ने पड़ताल के बाद यथास्थिति बनाते हुए धार्मिक स्थल की पुराने हरे रंग से पुताई कराकर मामले को शांत कराया। 

बुधवार को विहिप के जिला मंत्री विपिन शुक्ला, उपाध्यक्ष सुभ्रांश कटियार, जेपी कटियार, राहुल सिंह, रोहित समेत कई पदाधिकारी बंसठी गांव पहुंचे और पुलिस की ओर से धार्मिक स्थल की हरे रंग से पुताई कराने का विरोध प्रकट करते हुए हंगामा किया। इन लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थल की स्वेत (सफेद) रंग से पुताई कराई जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

भूस्वामी बोला- जखई बाबा का है मन्नत चबूतरा

भूमि मालिक रज्जन पाल ने एसडीएम को शपथ पत्र देते हुए बताया कि उसकी जमीन गाटा संख्या 1190 के पूर्व में काफी पुराना जखई बाबा का चबूतरा था। इसकी देखरेख गांव के चंद्रपाल दिवाकर करते आ रहे हैं। गांव के आशिफ, आरिफ, मुमताज आदि ने कुछ दिनों पहले यहां पर चबूतरे पर छत डाल कर उसे हरे रंग से पुताई कर दी थी। इधर गांव के ही चांद आलम ने शपथपत्र देकर चबूतरे को जखई बाबा का होने की बात कही है। 

सात पाबंद, तहरीर पर कार्रवाई की मांग

धार्मिक भावनाएं आहत करने पर पुलिस ने गांव के मुमताज की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा गांव के सात लोगों को शांति भंग में पाबंद किया है। बुधवार को गांव के लोग लामबंद दिखे। चंद्रपाल व रज्जन पाल ने पुलिस को तहरीर देकर विपक्षी लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

Edited By: Abhishek Verma