कानपुर, जेएनएन। आइआइटी के निकट प्रायोरिटी कॉरिडोर का पहला पियर कैप रखते हुए यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने कहा है कि लखनऊ मेट्रो परियोजना की अपेक्षा कानपुर में यह उपलब्धि करीब तीन माह पहले हासिल कर ली है, जो असाधारण और एक कीर्तिमान है। उन्होंने सोमवार की सुबह गूबा गार्डन क्रॉसिंग के पास स्थित पिलर नंबर 19 पर सेक्शन का पहला पियर कैप रखते हुए मंत्र उच्चारण के बीच नारियल फोड़कर पूजन किया।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा कानपुर मेट्रो परियोजना के प्रायोरिटी कॉरिडोर के सिविल निर्माण कार्य का शिलान्यास 15 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। आइआइटी से मोतीझील के बीच लगभग 9 किमी. लंबे प्राथमिक सेक्शन (प्रायोरिटी कॉरिडोर) का सिविल निर्माण कार्य तेजी से जारी है। सोमवार को शहर आए एमडी कुमार केशव ने कहा कि यूपीएमआरसी की टीम कानपुर मेट्रो परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और पूरा प्रयास है कि शहर को जल्द से जल्द विश्वस्तरीय मेट्रो सिस्टम का तोहफा मिल जाए।

क्या होता है पियर कैप

यू-गर्डर को पियर या पिलर के ऊपर रखने के लिए एक आधार दिया जाता है, जिसे पियर कैप कहा जाता है। यू-गर्डर मेट्रो के संरचनागत ढांचे की वह इकाई होती है, जिसपर मेट्रो ट्रैक बिछाया जाता है एवं यू-गर्डर और पिलर के बीच के हिस्से को पियर कैप कहा जाता है। पियर कैप की ऊंचाई-2 मीटर, लंबाई-9.3 मीटर और चौड़ाई-2.8 मीटर होती है। इस पियर कैप का वजन लगभग 70 टन होता है।

मेट्रो इंजीनियरों ने किया कमाल

निर्माण कार्य के शुभारंभ के बाद से कानपुर मेट्रो ट्रैक निर्माण कार्य की गति को लेकर यूपीएमआरसी खासा गंभीर है। एमडी केशव ने मेट्रो इंजीनियरों को श्रेय देते हुए कहा कि साढ़े तीन माह में प्रायोरिटी कॉरिडोर के अंतर्गत 600 से ज़्यादा पाइल्स की खोदाई का काम पूरा हो चुका है। साथ ही 42 पियर तैयार किए जा चुके हैं। समानांतर रूप से कास्टिंग यार्ड में यू-गर्डर और पियर कैप की कास्टिंग का काम भी जारी है। 24 यू-गर्डर एवं 10 पियर कैप की कास्टिंग कार्य पूरा हो चुका है।

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