कानपुर, जागरण टीम। पश्चिमी विक्षोभ के कारण सोमवार को अचानक मौसम बदला। दोपहर में धूल भरी आंधी के साथ कानपुर और बुंदेलखंड समेत आसपास के जिलों में बारिश से तापमान गिरा और भीषण गर्मी से राहत मिली। 

चित्रकूट के बगरेही में पेड़ गिरने से दबकर ट्रैक्टर चालक रिंकू की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। औरैया के अछल्दा में कच्ची दीवार गिरने से रेखा देवी व उनके बेटे विकास कठेरिया को चोटें आईं। वहीं, उन्नाव के अचलगंज में टेंपो पर पेड़ गिरने से कानपुर के नौबस्ता निवासी महिला सुनीता और चालक विवेक दुबे गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गदनखेड़ा के मजरा सरैया में झोपड़ी गिरने से किसान रामबालक की दबकर मौत हो गई। बांदा में मवई बुजुर्ग गांव में नंद किशोर की बिजली गिरने से मौत हो गई। इसी तरह कानपुर देहात में बिजली के खंभे व तार टूटने से 400 गांवों की बत्ती गुल हो गई। कानपुर नगर में कई जगह पेड़ गिरने से नीचे खड़ी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हरवंशमोहाल में छज्जा गिरने से वाहनों को नुकसान हुआ, जबकि बर्रा में टिनशेड उड़ने से कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। इसके साथ शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पेड़ टूटकर गिरने से आवागमन में दिक्कतें हुईं। 

अभी तेज आंधी के आसार, आम व खरबूजा को नुकसान 

कन्नौज के कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी के मौसम विज्ञानी डा. अमरेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से दक्षिण-पूर्व हवा चल रही है, जिसके कारण पश्चिमी विक्षोभ और भी सशक्त होता जा रहा है। अभी हवा की गति अधिक होने से तेज आंधी का रूप लेगी, जिससे आम की फसल को नुकसान होगा। फिलहाल बारिश मूंग, उड़द और हरे चारे के लिए फायदेमंद है, जबकि खरबूजा की फसल में अगिया रोग लगने की आशंका बन गई है। वहीं, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, उन्नाव में आंधी-बारिश से कई जगह पेड़ गिरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ तो बिजली तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली के टूटे तार ठीक करने में एक से दो दिन लगने का अनुमान है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी इलाकों में बिजली संकट रहेगा।   

Edited By: Abhishek Verma