कानपुर, जेएनएन। रोडवेज बसों को दुर्घटना से बचाने के लिए उनकी मरम्मत व मेंटीनेंस कर खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। बसों का पहले डिपो में परीक्षण होगा, उसके बाद उन्हें सड़क पर भेजा जाएगा। बसों की दैनिक समीक्षा कर कमियां दूर की जाएगी। मेंटीनेंस की कमी की वजह से अगर कोई बस दुर्घटनाग्रस्त होती है तो रोडवेज अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। उन पर कार्रवाई भी की जाएगी। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने सभी बसों की पूरी तरह जांच करने तथा उसके बाद सड़क पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मेंटीनेंस में लापरवाही के चलते रोडवेज बसें आए दिन खराब हो रही हैं। बसों के प्रेशर पाइप फटने, अकसर ब्रेक काम न करने की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। प्रेशर पाइप फटने से कई बार रोडवेज बसें दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी हैं। रोडवेज बसों की मेंटीनेंस में लापरवाही बरती जाने पर रोडवेज प्रबंध निदेशक ने नाराजगी जताई है। उन्होंने क्षेत्रीय प्रबंधकों, सेवा प्रबंधकों सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि बसों की दैनिक जांच की जाए। दोष पंजिका में अंकित किए गए दोषों बसों के संचालन से पहले दूर किया जाए। जांच के दौरान कमी पाई जाती है तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि शहर में रोडवेज की 1000 से अधिक बसों का अवागमन होता है, इनमें 50 हजार यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। 

इन बातों को लेकर दिए गए निर्देश : 

  • स्टेयरिंग व ब्रेक सिस्टम के खामियों को दूर बसों का कार्यशाला व सड़क पर परीक्षण होगा 
  • सेवा प्रबंधक बसों के रख रखाव के लिए आवश्यकतानुसार कलपुर्जे उपलब्ध कराएंगे 
  • प्रत्येक डिपो कार्यशाला में बसों की दैनिक समीक्षा कर बसों की कमियां दूर कराएंगे 
  • दोष पंजिका में तकनीकी कार्मिक का नाम, बस के ठीक होने का समय व तिथि दर्ज होगी

Edited By: Shaswat Gupta