कानपुर, जेएनएन। प्रत्येक वर्ष की गतिविधियों के आकड़ों को अच्छी तरह से संकलित किया जाए। प्रस्तुतीकरण इस प्रकार का रहे, जो कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक उपलब्धियां प्रदर्शित कर सके। यह बात राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कही। वह बुधवार को राजभवन में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की ग्रेङ्क्षडग के लिए सीएसजेएमयू का प्रस्तुतिकरण और विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक कर रहीं थी। उन्होंने कहा कि नैक ने मूल्यांकन के लिए सात श्रेणियां निर्धारित की हैं, जिन पर विश्वविद्यालय का मूल्यांकन होता है।

पिछले वर्ष छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने नैक मूल्यांकन में बी श्रेणी प्राप्त की थी। विश्वविद्यालय सुधार लाकर ए प्लस श्रेणी हासिल कर सकता है। राज्यपाल ने कहा कि पाठ्यक्रम निर्धारण के समय विद्यार्थियों के विचार को भी जाना जाए। उनके कौशल को ध्यान में रखकर उद्यमिता विकास करें। प्रत्येक वर्ष विषयों में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जाए। विश्वविद्यालय गोद लिए गावों में महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। 'यूनिवर्सिटी गांव के द्वार' नाम से अभियान चलाकर लोगों की समस्याएं सुनी जाए।

इससे पूर्व कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विश्वविद्यालय को नैक मानकों के अनुसार तैयार करने के लिए स्वमूल्यांकन प्रस्तुत किया। उन्होंने कई छोटे-छोटे बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित कराया, जहां विश्वविद्यालय सुधार लाकर मूल्यांकन में वृद्धि कर सकते हैं। अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डा. पंकज जानी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Edited By: Abhishek Agnihotri